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Jammu Kashmir News: अवंतीपोरा AIIMS समीक्षा बैठक पर महबूबा मुफ्ती घिरीं; नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी ने उठाए सवाल

जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में बन रहे AIIMS प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक करने का मामला अब राज्य में एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। महबूबा मुफ्ती ने अपने बचाव में तर्क दिया कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की है और परियोजना में तेजी लाने का अनुरोध किया है। पीडीपी प्रवक्ता सैय्यद तजामुल इस्लाम ने स्पष्ट किया कि यह उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सैयद का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ था और वे केवल इसके काम में आ रही रुकावटों का जायजा लेने गई थीं।

💢 ‘गैर-निर्वाचित व्यक्ति की समीक्षा बैठक पर उठे सवाल’: नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस की नाराजगी

इस बैठक को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रवक्ता तनवीर सादिक ने सवाल किया कि किस संवैधानिक हैसियत से महबूबा मुफ्ती एक केंद्रीय परियोजना की समीक्षा कर रही हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि महबूबा मुफ्ती ऐसा कर सकती हैं, तो यह दूसरों के लिए भी एक गलत मिसाल पेश करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या जम्मू-कश्मीर का राजनीतिक क्षेत्र ‘मछली बाजार’ बन गया है?

🚩 बीजेपी का हमला: ‘राजनीतिक ड्रामा और सेल्फी पॉलिटिक्स’

बीजेपी ने भी इस घटना को ‘पॉलिटिकल ड्रामा’ करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को यह समझना चाहिए कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के पास समीक्षा बैठक करने की कोई संवैधानिक अथॉरिटी नहीं होती। बीजेपी ने इसे खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिश बताया और कहा कि AIIMS प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका श्रेय लेने की होड़ मची है।

🩺 स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू का तीखा प्रहार: ‘सत्ता से बाहर होने का गम’

जम्मू-कश्मीर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने बिना नाम लिए महबूबा मुफ्ती पर करारा हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ लोग ‘राजनीतिक विस्मृति’ (Political Amnesia) से ग्रसित हैं और ऐसे व्यवहार कर रहे हैं मानो वे अभी भी सत्ता में हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार इस परियोजना की निगरानी कर रही है और जनता यह जानती है कि विकास में देरी करने वाले कौन थे और अब इसे गति कौन दे रहा है।