कुलगाम आतंकी हमले में दूसरे मजदूर की भी मौत: श्रीनगर समेत पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट, सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन तेज
कुलगाम/श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में बीते शुक्रवार (31 जुलाई) को आतंकवादियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर अंधाधुंध गोलाबारी की थी।
इस कायराना हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इलाज के दौरान शनिवार (1 अगस्त) को दूसरे घायल मजदूर ने भी दम तोड़ दिया। इस जघन्य आतंकी हमले के बाद पूरे श्रीनगर शहर और दक्षिण कश्मीर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से कड़ी कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वारदात के तुरंत बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर हैं और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। राजधानी श्रीनगर में जगह-जगह अतिरिक्त चेकपॉइंट बनाए गए हैं, वहीं कुलगाम और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया जा रहा है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की पैनी नजर बनी हुई है।
🔍 श्रीनगर और बाहरी इलाकों में तलाशी अभियान तेज, चप्पे-चप्पे पर कड़ा पहरा
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीनगर शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों, संवेदनशील इलाकों और बाहरी सड़कों पर चेकिंग और तलाशी अभियान को काफी तेज कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि शहर में आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। सुरक्षाकर्मी हर संदिग्ध गाड़ी की सघन तलाशी ले रहे हैं और यात्रियों व राहगीरों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके।
🪪 पहचान पत्रों और संदिग्ध वाहनों की हो रही रैंडम चेकिंग
अधिकारी के अनुसार, घाटी के प्रमुख चौराहों, मुख्य राजमार्गों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है।
एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर रैंडम वाहन चेकिंग की जा रही है और लोगों के पहचान पत्रों (Identity Cards) की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर उस पर तुरंत कठोर दंडात्मक कार्रवाई करना है।
🛡️ सुरक्षाबलों ने कुलगाम और दक्षिण कश्मीर में की सख्त घेराबंदी, आतंकियों की तलाश जारी
दक्षिण कश्मीर में सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
विशेष रूप से कुलगाम जिले और उससे सटे इलाकों में, जहां इस वीभत्स घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों के छिपे होने की आशंका है, पूरे इलाके की चौतरफा घेराबंदी (Cordon and Search Operation) की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस हमले के बाद घाटी में आम नागरिकों और श्रमिकों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए हर संभव कानूनी व सैन्य प्रयास जारी हैं।
💔 हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों ‘दीपक और भूपेंद्र’ की हुई मौत, नेताओं ने की कड़े शब्दों में निंदा
उल्लेखनीय है कि कुलगाम में आतंकियों ने अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देते हुए दो निर्दोष मजदूरों को निशाना बनाया था।
इनमें से एक मजदूर की तत्काल मौत हो गई थी, जबकि दूसरे गंभीर रूप से घायल मजदूर को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने भी अंतिम सांस ली। दोनों ही मृतक मजदूर मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान दीपक कुमार और भूपेंद्र के रूप में हुई है।
इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है। आतंकवादियों की इस कायरतापूर्ण हरकत की घाटी के स्थानीय नागरिकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पुरजोर निंदा की है। फिलहाल सुरक्षाबल इलाके को घेरकर हमलावर आतंकियों की गहन तलाश में जुटे हुए हैं।