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Anu Meena Case Update: डिजिटल सबूतों से घिरे एक्सईएन पति; अनु मीणा आत्महत्या मामले में पुलिस की जांच जारी

जयपुर: मुहाना इलाके के बहुचर्चित अनु मीणा आत्महत्या मामले में अब मुख्य आरोपी और जल संसाधन विभाग के एक्सईएन (XEN) गौतम मीणा ने चुप्पी तोड़ी है। घटना के बाद से फरार चल रहे गौतम ने एक वीडियो संदेश जारी कर खुद को बेकसूर बताया है और ससुराल पक्ष पर ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, पुलिस की जांच में मृतका अनु मीणा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के कई डिजिटल सबूत (वीडियो, ऑडियो और चैट) सामने आए हैं, जो केस को एक नई दिशा दे रहे हैं।

📹 ‘मैं बेकसूर हूं, बच्चों को भड़काया जा रहा है’

आरोपी पति गौतम मीणा ने अपने बयान में दावा किया कि घटना वाले दिन वह चौमू की तरफ था और उसे जैसे ही अंदेशा हुआ, उसने अपने पड़ोसी को अनु को रोकने के लिए कहा था। गौतम ने आरोप लगाया कि उसकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा अनु के नाम था और उसके ससुराल वाले अब उसके बच्चों को उसके खिलाफ भड़का रहे हैं। उसने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो सच सामने आ जाएगा।

📱 वीडियो कॉल पर आत्महत्या और अहम डिजिटल साक्ष्य

मानसरोवर एसीपी आदित्य काकड़े के अनुसार, 7 अप्रैल को अनु मीणा ने फांसी लगाई थी। परिजनों का आरोप है कि उसने वीडियो कॉल के दौरान ही जान दी थी। पुलिस को दो वीडियो, पांच ऑडियो रिकॉर्डिंग और कई वॉट्सऐप चैट मिली हैं, जिन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया है। एक अन्य वीडियो में गौतम, अनु को अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही सीपीआर (CPR) देता नजर आ रहा है, जिसे लेकर परिजनों ने कई सवाल खड़े किए हैं।

💰 दहेज प्रताड़ना और मारपीट का आरोप

मृतका के भाई नीरज मीणा का आरोप है कि 2015 में शादी के बाद से ही गौतम शराब पीकर अनु के साथ मारपीट करता था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रिश्ता बचाने के लिए 2022 में गौतम को 20 लाख रुपए भी दिए थे, लेकिन दहेज की मांग और उत्पीड़न का सिलसिला नहीं रुका। फिलहाल, पुलिस गौतम के दावों और परिजनों द्वारा सौंपे गए डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।