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Bilaspur Weather Effect: बिलासपुर में भीषण गर्मी और लू का कहर; सिम्स और जिला अस्पताल की ओपीडी में उमड़े मरीज

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान, तीखी धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। मौसम के इस कड़े मिजाज का सीधा और घातक असर अब स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि शहर के प्रतिष्ठित सिम्स (CIMS) और जिला अस्पताल की ओपीडी (OPD) में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कड़कड़ाती धूप के संपर्क में आने के कारण बड़ी संख्या में लोग हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) और गंभीर डीहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का शिकार होकर लगातार इलाज के लिए अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, लू की चपेट में आए कई गंभीर मरीजों को सिम्स में भर्ती कर उनका त्वरित इलाज शुरू किया गया है।

🏥 अस्पतालों के मेडिसिन विभाग में पैर रखने की जगह नहीं: सिम्स में रोजाना पहुंच रहे 30 से 40 मरीज, देहाती स्वास्थ्य केंद्र भी अलर्ट

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में बीते दो से तीन दिनों के भीतर ही रोजाना औसतन 30 से 40 मरीज सिर्फ गर्मी जनित बीमारियों के कारण पहुंच रहे हैं। वहीं, जिला अस्पताल की ओपीडी में भी प्रतिदिन औसतन 15 से 20 मरीज इसी तरह की गंभीर शिकायतें लेकर आ रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC/PHC) में भी रोजाना औसतन 4 से 5 मरीज लू की समस्या लेकर ओपीडी का चक्कर काट रहे हैं। इन सभी चिकित्सालयों के मेडिसिन विभाग (Medicine Department) में इस समय मरीजों का सबसे ज्यादा दबाव देखा जा रहा है, जिसे देखते हुए प्रबंधन ने अतिरिक्त डॉक्टरों और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

🥤 शरीर में पानी की कमी (Dehydration) सेहत पर पड़ रही भारी: सिम्स के एमएस डॉ. लखन सिंह ने दी धूप से बचने की कड़ी सलाह

बिलासपुर सिम्स के वरिष्ठ मेडिसिन विशेषज्ञ व एमएस (MS) डॉ. लखन सिंह ने वर्तमान मौसमी हालातों और बीमारियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, “अचानक बढ़े अत्यधिक तापमान और तेज गर्मी के कारण मानव शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या तेजी से उभर रही है। शरीर में आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने से इसका सीधा और बुरा असर व्यक्ति की किडनी, लिवर और हृदय की कार्यप्रणाली पर पड़ता है।” उन्होंने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि बहुत जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सूती कपड़े से चेहरा ढकें, छाते का उपयोग करें और प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी या छाछ का सेवन लगातार करते रहें ताकि लू के थपेड़ों से सुरक्षित रहा जा सके।