India-UAE Relations: पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, ‘होर्मुज’ का रास्ता सुरक्षित रखना प्राथमिकता
संयुक्त अरब अमीरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंग के दौरान धैर्य बनाए रखने के लिए यूएई की तारीफ की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय में भारत आपके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया का संकट पूरी दुनिया का संकट है। उन्होंने यूएई को भारत का पक्का दोस्त बताया और अपने संबोधन के दौरान यूएई को अपना ‘दूसरा घर’ कहा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से वायुसेना के जहाजों ने एस्कॉर्ट किया, यह भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है।
🚫 हमलों की घोर निंदा: पीएम मोदी ने यूएई की क्षेत्रीय अखंडता का किया समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में ईरान जंग के दौरान यूएई पर जो हमले हुए, उसकी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। मोदी ने आगे कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में यूएई के राष्ट्रपति ने जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, वह बहुत ही सराहनीय है। राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने में आपके नेतृत्व में उठाए गए कदमों का हम अभिनंदन करते हैं।
🌐 कूटनीति और बातचीत पर जोर: होर्मुज जलमार्ग की सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध की परिस्थिति का प्रभाव आज पूरे विश्व पर दिखाई दे रहा है। भारत ने हमेशा समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज के रास्ते को खुला और सुरक्षित बनाए रखना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस विषय में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना सभी देशों के लिए आवश्यक है, ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।
✈️ भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर: एफ-16 विमानों ने पीएम के जहाज को किया एस्कॉर्ट
प्रधानमंत्री का जहाज जब यूएई की सीमा में पहुंचा, तब उसे यूएई वायुसेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए यूएई के राष्ट्रपति खुद एयरपोर्ट आए, जो एक विशेष प्रोटोकॉल का हिस्सा था। वहां पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच बढ़ते गहरे कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
📝 महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर: एलपीजी और रणनीतिक सहयोग के लिए एमओयू
प्रधानमंत्री मोदी यहां एलपीजी आपूर्ति और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौते के लिए पहुंचे थे। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच कई अहम एमओयू (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। हालांकि, इन समझौतों की विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साझा नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक रिश्तों को लेकर दोनों देशों ने लंबी अवधि की योजना पर हस्ताक्षर किए हैं।