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वट सावित्री व्रत 2026: शनि जयंती के संयोग में रखा जाएगा व्रत, अखंड सौभाग्य के लिए करें इन मंत्रों का जाप

जेष्ठ अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत रखती हैं। इस साल यह पावन व्रत 16 मई यानी शनिवार को रखा जाना है। वट सावित्री व्रत न केवल पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है, बल्कि यह वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि भी लाता है। वहीं, शनिवार के दिन यह व्रत पड़ने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन शनि जयंती भी है। ऐसे में सुहागिनों के लिए यह जानना जरूरी है कि उन्हें किस मंत्र का जाप करना चाहिए और व्रत के दिन किस तरह का आहार लेना चाहिए।

🍎 व्रत के दौरान खान-पान के नियम: क्या खाएं और किन चीजों से बचें?

अगर आप वट सावित्री व्रत रख रही हैं तो खान-पान को लेकर कुछ खास बातों का ध्यान रखें। यह व्रत पूरी तरह श्रद्धा का प्रतीक है, इसलिए वट की पूजा के बाद भी लहसुन और प्याज जैसा तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। उपवास के दौरान आप ताजे फल, दूध और मेवों का सेवन कर सकती हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहे। व्रत में भीगे हुए चनों के प्रसाद का विशेष महत्व है, जिसे पूजा के बाद ग्रहण करना शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ की गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी पिएं और सादा व शुद्ध भोजन ही प्रसाद स्वरूप लें।

🙏 सौभाग्य प्राप्ति के मुख्य मंत्र: परिक्रमा के समय करें इनका जाप

वट सावित्री व्रत की पूजा और वट वृक्ष की परिक्रमा करते समय मंत्रों का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है। जब आप वट की परिक्रमा करें, तो ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या ‘ॐ सती सावित्र्यै नमः’ मंत्र का जाप कर सकती हैं। इसके साथ ही अखंड सौभाग्य पाने के लिए ‘ॐ सौभाग्य प्रदायिन्यै नमः’ मंत्र का जाप भी जरूर करें। ये मंत्र हमें सावित्री और सत्यवान के उस अटूट प्रेम की याद दिलाते हैं, जिसकी शक्ति से सावित्री ने यमराज से अपने पति के प्राण वापस पा लिए थे।

✨ सावित्री-सत्यवान का ध्यान: सकारात्मक ऊर्जा और संकल्प की शक्ति

पूजा के दौरान सच्चे मन से सावित्री और सत्यवान की कथा का स्मरण करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। सावित्री का चरित्र हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प और पतिव्रता धर्म से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी में रखा जाने वाला यह कठिन व्रत महिलाओं के धैर्य और समर्पण का प्रमाण है। इन विशेष मंत्रों और शुद्ध अंतःकरण के साथ की गई पूजा जीवन की मुश्किलों को कम करती है और परिवार में खुशहाली लाती है।