Ladli Behna Yojana: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की लाडली बहनों की 36वीं किस्त, नरसिंहपुर में बड़ी घोषणा
नरसिंहपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नरसिंहपुर जिले के प्रवास के दौरान प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाडली बहनों को बड़ी सौगात दी है। एक कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त सीधे बहनों के बैंक खातों में अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंच पर कन्या पूजन कर मातृशक्ति के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया और उपस्थित बहनों से आत्मीय संवाद कर उनका हाल-चाल जाना।
📢 आर्थिक सशक्तिकरण ही प्रगति का आधार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में योजना के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “लाडली बहनों का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही मध्य प्रदेश की प्रगति का असली आधार है। सरकार हर कदम पर अपनी बहनों के साथ खड़ी है।” उन्होंने विश्वास दिलाया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाया जाएगा।
🎓 क्षेत्रीय विकास: मुंगवानी में नवीन महाविद्यालय की उठी मांग
कार्यक्रम के दौरान गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश ने क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से मुख्यमंत्री के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। विधायक नागेश ने मुंगवानी में नवीन महाविद्यालय खोलने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर भटकना नहीं पड़ेगा। स्थानीय नागरिकों ने विधायक की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए आवश्यक कदम बताया है।
👮 सुरक्षा व्यवस्था: युवा कांग्रेस पदाधिकारी किए गए नजरबंद
एक ओर जहां मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सुचारू रूप से चल रहा था, वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए मुस्तैद रहा। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की योजना बना रहे युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष शिवम राय और उनकी टीम को पुलिस ने गोटेगांव में रोककर नजरबंद कर दिया। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए यह एहतियाती कार्रवाई की है।
⚖️ राजनीतिक हलचल: लोकतंत्र और सुरक्षा पर छिड़ी बहस
युवा कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किए जाने की घटना के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि वीआईपी कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।