सिवनी। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने 13 मई को सिवनी में दो अलग-अलग ट्रैप कार्रवाइयों को अंजाम देकर पुलिस विभाग के एक एएसआई और जनजातीय कार्य विभाग के एक लिपिक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। धनौरा और सिवनी में एक साथ हुई कार्रवाई से दोनों विभागों में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
🚓 पहली कार्रवाई: कोतवाली एएसआई बस स्टैंड पर ₹20,000 की घूस लेते दबोचा
पहली कार्रवाई जिला मुख्यालय में हुई, जहां कोतवाली में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) दिनेश रघुवंशी को बस स्टैंड की एक चाय की दुकान पर 20 हजार रुपये की घूस लेते लोकायुक्त दल ने पकड़ा। आवेदक नंदकिशोर चौरसिया ने शिकायत दी थी कि उनके बेटे के साथ हुई ठगी की एफआईआर में सही रिपोर्ट बनाने के एवज में एएसआई द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। डीएसपी नीतू त्रिपाठी के दल ने एएसआई को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
💼 दूसरी कार्रवाई: धनौरा में 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई जिले के धनौरा विकासखंड में हुई, जहां जनजातीय कार्य विभाग के विकासखंड अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा। आवेदक देवेंद्र कुमार सिरसाम (भृत्य) के 14 माह के लंबित जीवन निर्वाह भत्ते के भुगतान के बदले लिपिक द्वारा कुल 32 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। निरीक्षक जितेंद्र यादव के दल ने आरोपित लिपिक को उसके कार्यालय में ही दबोच लिया।
⚖️ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच शुरू
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)B, 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की विधिक कार्रवाई और साक्ष्यों का संकलन जारी है। लोकायुक्त की इस त्वरित कार्रवाई से सिवनी जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है।
📞 लोकायुक्त की जनता से अपील: बेखौफ होकर करें भ्रष्टाचार की शिकायत
लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो वे डरे नहीं। वे बेखौफ होकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर के नंबरों (7999514544, 0761-2408599) पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। संगठन ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की गोपनीयता बनाए रखते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।