ब्रेकिंग
बंगाल में भर्ती घोटालों की जांच तेज: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्ट अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की दी... भोपाल: स्मार्ट मीटर ग्राहकों को मिली 5 करोड़ की बड़ी राहत, 'टाइम ऑफ डे' टैरिफ से घटे बिजली बिल Gyan Bharatam Mission: दतिया राजपरिवार की 525 दुर्लभ पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण, ऐप पर डेटा अपल... Ladli Behna Yojana: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की लाडली बहनों की 36वीं किस्त, नरसिंहपुर में ब... Bhopal Railway News: पुणे और बिलासपुर मंडल में काम से भोपाल की कई ट्रेनें प्रभावित, देखें निरस्त ट्र... Dhar News: मार्शल आर्ट प्रशिक्षक बलवंत सिंह देवड़ा को मिली सिर कलम करने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी Seoni News: सिवनी में लोकायुक्त का दोहरा प्रहार, एएसआई और लिपिक रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार TVK Government: तमिलनाडु में 'थलपति' विजय की सरकार सुरक्षित, कांग्रेस और AIADMK बागियों ने दिया साथ Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी मेदांता अस्पताल में भर्ती, रूटीन चेकअप के बाद वापस दिल्ली ल... West Bengal News: सुवेंदु अधिकारी ने चुनी भवानीपुर सीट, नंदीग्राम छोड़ेंगे; विधानसभा में ली विधायक प...

किसानों के हक पर डाका! MCB के जिल्दा में खाद की कालाबाजारी का खुलासा, छापेमारी से हड़कंप

कोरिया: बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम जिल्दा की आदिम जाति सहकारी समिति विवादों में घिरी है. किसानों के लिए शासन द्वारा भेजी जाने वाली खाद की कथित तौर पर कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है. खाद की कालाबाजारी का मामला तब गरमा गया जब सुशासन तिहार शिविर में ग्रामीणों ने खुलकर समिति प्रबंधक पर खाद गायब कर बेचने का आरोप लगा. शिकायत मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और मौके पर जांच के लिए अधिकारियों की टीम पहुंची.

खाद की कालाबाजारी

ग्रामीणों का आरोप है कि समिति में किसानों के नाम पर आने वाली सरकारी खाद जरूरतमंद किसानों तक पहुंचने से पहले ही गायब हो जाती है. किसानों ने दावा किया कि उन्हें बार-बार खाद नहीं होने की बात कहकर वापस लौटा दिया जाता था, जबकि दूसरी ओर खाद की अवैध बिक्री की चर्चा गांव में लंबे समय से चल रही है. किसानों का कहना है कि खेती का सीजन शुरू होने के बावजूद उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी, जिससे उनकी फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया.

प्रबंधक गोदाम में ताला लगाकर हुआ फरार

किसानों के आरोपों को देखते हुए बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े स्वयं अधिकारियों की टीम के साथ जिल्दा धान खरीदी केंद्र पहुंचे. लेकिन जब टीम मौके पर पहुंची तो समिति प्रबंधक अखिलचंद सिंह केंद्र में ताला लगाकर फरार मिला. बताया जा रहा है कि उसका मोबाइल फोन भी बंद था, जिससे संदेह और गहरा गया.
इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तहसीलदार, पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में गोदाम को सील कर दिया.

अधिकारियों का कहना है कि गोदाम में रखे स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खाद का वास्तविक भंडारण कितना था और वितरण कितना किया गया. आशंका जताई जा रही है कि रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी हो सकती है, हालाकि ये जांच के बाद ही सिद्ध हो पाएगा.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते जांच नहीं होती तो किसानों के हिस्से की खाद पूरी तरह गायब कर दी जाती. ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले में केवल समिति प्रबंधक ही नहीं बल्कि अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

खेती-किसानी से जुड़े संसाधनों में भ्रष्टाचार सीधे गरीब किसानों के पेट पर लात मारने जैसा है: किसान

शिकायत गंभीर है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी: आयुष प्रताप सिंह, जिला सहायक पंजीयक सहकारिता

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग हम कर रहे हैं. किसानों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए: प्यारेलाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष

किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं: भैयालाल राजवाड़े, बैकुंठपुर विधायक

गोदाम को किया गया सील

फिलहाल गोदाम सील कर दिया गया है और प्रशासन रिकॉर्ड खंगालने में जुटा हुआ है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसानों के नाम पर आने वाली खाद आखिर कहां गायब हो रही थी और इस पूरे खेल में कौन-कौन शामिल है. जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा.