Shivaji Maharaj in Cinema: छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम ही काफी है; इन 5 फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अगर किसी एक व्यक्तित्व की कहानी ने दर्शकों को सबसे ज्यादा रोमांचित किया है, तो वो हैं छत्रपति शिवाजी महाराज. सिनेमाई पर्दे पर जब-जब ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ का नारा गूंजा है, बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड्स ध्वस्त हो गए हैं. हाल ही में रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ ने जिस तरह की ओपनिंग ली है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छत्रपति शिवाजी का नाम ही सफलता की गारंटी है. आइए डालते हैं एक नजर उन 5 बड़ी फिल्मों पर, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर ‘स्वराज्य’ का झंडा फहराया.
1. राजा शिवाजी
रितेश देशमुख ने अपनी इस महात्वाकांक्षी फिल्म के लिए न केवल निर्देशन की कमान संभाली, बल्कि खुद शिवाजी महाराज के किरदार में जान फूंक दी. मई 2026 में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले ही दिन धमाका कर दिया. फिल्म ने अपने पहले ही दिन लगभग 12 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया.
इस फिल्म के मराठी वर्जन ने जहां रिकॉर्डतोड़ 8 करोड़ की कमाई की, वहीं मराठी फिल्म होने के बावजूद हिंदी बेल्ट में भी इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. इसने कंगना रनौत की ‘मणिकर्णिका’ के ओपनिंग डे रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है.
2. तानाजी: द अनसंग वॉरियर
अजय देवगन की इस फिल्म को भला कौन भूल सकता है? छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति तानाजी मालुसरे की वीरता पर आधारित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस को हिलाकर रख दिया था. फिल्म ने लाइफटाइम 280 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस किया. इस फिल्म ने साबित किया कि शिवाजी महाराज और उनके योद्धाओं की कहानियों में ग्लोबल अपील है. शरद केलकर ने जिस तरह महाराज का किरदार निभाया, वो आज भी फैंस के रोंगटे खड़े कर देता है.
3. पावनखिंड
मराठी सिनेमा के इतिहास में ‘पावनखिंड’ एक मील का पत्थर है. बाजीप्रभु देशपांडे के बलिदान की इस गाथा ने दर्शकों को सिनेमाघरों में रोने और गर्व करने पर मजबूर कर दिया. महज चंद करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 43 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन कर हर किसी को हैरान कर दिया. ये उस समय की सबसे सफल मराठी फिल्मों में से एक रही.
4. मी शिवाजीराजे भोसले बोलतोय
ये फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक इमोशन थी. इसने आधुनिक दौर में मराठी अस्मिता और शिवाजी महाराज के विचारों की प्रासंगिकता को दिखाया था. इस फिल्म ने 16 साल पहले करीब 25.5 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो 2009 के हिसाब से एक बहुत बड़ा आंकड़ा था. कई सालों तक ये सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मराठी फिल्म बनी रही.
5. शेर शिवराज
दिग्पाल लांजेकर की ‘शिवराज अष्टक’ सीरीज की इस फिल्म ने भी ‘राजा शिवाजी’ की तरह अफजल खान के वध की रोमांचक कहानी दिखाई. चिन्मय मांडलेकर के एक्टिंग और महाराज की कूटनीति ने दर्शकों का दिल जीत लिया. बहुत कम पैसों में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 17 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया और साल की बड़ी हिट्स में शुमार हुई.
क्यों चलता है ‘शिवाजी महाराज’ के नाम का सिक्का?
ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि शिवाजी महाराज की कहानियों में साहस, कूटनीति, और इमोशन का एक ऐसा परफेक्ट ब्लेंड है, जो हर उम्र के दर्शकों को जोड़ता है. चाहे वो रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ हो या विकी कौशल की ‘छावा’ (जो महाराज के पुत्र संभाजी महाराज पर आधारित है), दर्शक (खासकर महाराष्ट्र में रहने वाले) इन कहानियों को सिर्फ फिल्म की तरह नहीं, बल्कि अपनी विरासत की तरह देखते हैं. बॉक्स ऑफिस के आंकड़े गवाह हैं कि तकनीक बदल सकती है, सिनेमा का दौर बदल सकता है, लेकिन अगर कहानी सही तरीके से पेश की जाए तो छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता का जादू हमेशा बरकरार रहेगा.