ब्रेकिंग
केरल के कोच्चि में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी, मुख्य चुना... आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने पैर में मारी गोली झारखंड के खूंटी में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा— तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर खड़े लोगों को कुचल, 10... महाराष्ट्र के जलगांव में एसीबी का बड़ा एक्शन— 10 हजार की घूस लेते पकड़ा गया अधिकारी, घर और लॉकर से न... देश के मौसम का हाल, उत्तर भारत में बढ़ी ठंड और दक्षिण के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भिंड में कमरे का फर्श धंसने से पलंग समेत 16 फीट गहरे गड्ढे में समाई महिला, सिंधिया रियासत के दौर से ... या एसी, टीवी या फ्रिज खरीदते समय क्या एक्सटेंडेड वारंटी लेना सच में फायदेमंद है? जानिए इसके फायदे और... मुंबई के कांदिवली में बुजुर्ग महिला के साथ लूट, परिचित बनकर आया बदमाश गले से सोने की चेन छीनकर फरार उत्तरकाशी के केदारताल एवलांच में जान गंवाने वाली लखनऊ की दो सगी बहनों की दर्दनाक दास्तान, अंतिम सांस... झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान पर घमासान, देश के हालात की बांग्लादेश से तुलना पर बीजे...

MP News: शादी समारोह में पूर्व मंत्री रामनिवास रावत का घेराव; वेतन के बकाएदारों ने 4 घंटे तक काटा हंगामा

भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री और भाजपा नेता डॉक्टर राजकुमार सिंह कुशवाहा को बकाएदारों ने घेर लिया। बताया जा रहा है कि लोग लंबे समय से अपने पैसे की वापसी की मांग कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, डॉ. कुशवाहा, जो बीज निगम के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) भी रह चुके हैं, एक निजी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कई लोगों ने उन्हें पहचान लिया और प्लॉट के नाम पर लिए गए पैसों को वापस करने की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि इन लोगों ने पहले प्लॉट बुक करवाए थे, लेकिन लंबे समय बीतने के बाद भी उन्हें जमीन नहीं मिली। इसी वजह से वे लगातार अपने पैसे लौटाने की मांग कर रहे हैं। शादी समारोह में आमना-सामना होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पूर्व मंत्री को घेरकर जवाब मांगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हंगामा करीब चार घंटे तक चलता रहा। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में किसी तरह मामला शांत कराया गया। इस घटना के बाद एक बार फिर जमीन और निवेश से जुड़े मामलों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।