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महाराष्ट्र के जलगांव में एसीबी का बड़ा एक्शन— 10 हजार की घूस लेते पकड़ा गया अधिकारी, घर और लॉकर से निकला 5.16 करोड़ का काला खजाना

जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव जिले से भ्रष्टाचार का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक कार्रवाई के दौरान सड़क निर्माण कार्य का 10 लाख रुपये का बिल मंजूर करने के बदले महज 10,000 रुपये की घूस लेते जिला परिषद के निर्माण विभाग (वर्ग-1) के उपविभागीय अधिकारी सतीश मन्सुलाल शिसोदे (उम्र 55 वर्ष) को रंगेहाथ दबोचा गया था। इस गिरफ्तारी के बाद जब एसीबी ने आरोपी अधिकारी के आवासीय परिसरों और बैंक लॉकर की गहन तलाशी ली, तो वहां से जो खजाना हाथ लगा उसे देखकर जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए। छापेमारी में कुल 5 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक की अकूत संपत्ति का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

ढाई किलो से अधिक सोना, 11 किलो चांदी और प्लैटिनम के आभूषण बरामद, धरनगांव तालुका में सड़क कंक्रीटीकरण बिल से जुड़ा है मामला

एसीबी की इस उच्चस्तरीय छापेमारी में आरोपी के पास से 2.5 किलोग्राम से ज्यादा शुद्ध सोना, 11 किलो से अधिक चांदी, बेशकीमती प्लैटिनम के आभूषण, दो शानदार मकान और लाखों रुपये नकद बरामद किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला धरनगांव तालुका के पिंप्री खुर्द इलाके में हुए सड़क कंक्रीटीकरण कार्य के 10 लाख रुपये के भुगतान को हरी झंडी दिखाने से जुड़ा था। इस बिल को पास कराने के एवज में शुरुआती तौर पर 15,000 रुपये की मांग की गई थी, जिसे बाद में मोलभाव के बाद 10,000 रुपये पर तय किया गया था।

2 नवंबर 2026 को एसीबी ने बिछाया था जाल, कनिष्ठ अभियंता के जरिए उपविभागीय अधिकारी तक पहुंचाई गई थी रिश्वत की रकम

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बीते 2 नवंबर 2026 को एक सटीक योजना के तहत जाल बिछाया और कनिष्ठ अभियंता (जूनियर इंजीनियर) भागवत वसंत चवरे (उम्र 32 वर्ष) को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। यह रकम कनिष्ठ अभियंता द्वारा सीधे तौर पर उपविभागीय अधिकारी सतीश शिसोदे को सौंपी जा रही थी। इस मामले में जिला पेठ पुलिस स्टेशन में दोनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

घर और बैंक लॉकर से मिला कुबेर का खजाना, एसीबी की जांच में सामने आया 5.16 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पूरा लेखा-जोखा

आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर की गई छानबीन के दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्तियों का पूरा ब्योरा इस प्रकार सामने आया है:

  • आदर्श नगर स्थित निवास से बरामद संपत्ति (कुल मूल्य 1.41 करोड़ रुपये):

    • नकद राशि: ₹7,97,920

    • पहला आवासीय मकान: ₹45,00,000

    • दूसरा आवासीय मकान: ₹65,00,000

    • घर का आधुनिक फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक सामान: लगभग ₹24,00,000

  • बैंक लॉकर से मिली अकूत संपत्ति (कुल मूल्य 3.74 करोड़ रुपये):

    • शुद्ध सोना (2,524.18 ग्राम): ₹3,51,09,153

    • चांदी (11,633.7 ग्राम): ₹19,53,991

    • प्लैटिनम आभूषण (101.02 ग्राम): ₹3,55,286

  • कुल संपत्तियों का कुल मूल्यांकन: ₹5,16,88,389 (यानी पांच करोड़ सोलह लाख अठासी हजार तीन सौ निवासी रुपये)।

आय से अधिक संपत्ति का नया मामला दर्ज करने की तैयारी में जुटी एजेंसी, खंगाले जा रहे हैं सभी वित्तीय दस्तावेज

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अब इस बात की बहुत ही गहराई से पड़ताल करने में जुट गया है कि एक सरकारी पद पर आसीन अधिकारी के पास उसकी वैध और ज्ञात आय के स्रोतों के मुकाबले इतनी भारी-भरकम संपत्ति आखिर कहाँ से आई। आरोपी अधिकारी के सरकारी वेतन, बैंक खातों के लेन-देन, रियल एस्टेट में किए गए भारी निवेश तथा आभूषणों की खरीद-फरोख्त से जुड़े तमाम वित्तीय और कानूनी दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला जा रहा है, और जल्द ही इस मामले में आय से अधिक संपत्ति का एक और कठोर मामला दर्ज किए जाने की पूरी तैयारी चल रही है।