Chatra Crime News: चतरा में अवैध शराब की फैक्ट्री सील, भारी मात्रा में स्पिरिट और रैपर बरामद; बिहार में खपाया जा रहा था माल
चतराः पुलिस और उत्पाद विभाग ने एक ऐसी साजिश को नाकाम किया है जो सैकड़ों लोगों की जान ले सकती थी. वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र के पोस्तिया गांव में एक घर के भीतर अवैध मिनी शराब फैक्ट्री धड़ल्ले से चल रही थी. उपायुक्त कीर्तिश्री के कड़े निर्देश पर एसडीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने उस फैक्ट्री पर धावा बोलकर न केवल 5 लाख रुपए की नकली शराब बरामद की, बल्कि तीन शातिर तस्करों को भी दबोच लिया. यह शराब झारखंड से बिहार की सीमाओं को पार कर दुगने दामों पर बेची जा रही थी.
तस्कर नकली शराब को ओरिजिनल बताकर मोटा मुनाफा कमाते थेः उत्पाद अधीक्षक
उत्पाद अधीक्षक ने प्रेस कॉंफ्रेंस में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि तस्कर अनिल कुमार यादव के घर में स्प्रिट और केमिकल के जरिए जहरीली शराब तैयार की जा रही थी. चूंकि बिहार में शराब बैन है, इसलिए माफिया इस नकली शराब को ओरिजिनल बताकर वहां दुगने दामों पर खपाते थे और मोटा मुनाफा कमाते थे.
कच्चा स्प्रिट और बोतलें सील करने वाली मशीन जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 1318 बोतलें बरामद की हैं, जिन पर रॉयल स्टैग और रॉयल चैलेंज जैसे महंगे ब्रांड्स के नकली ढक्कन और स्टिकर लगे थे. मौके से बोतलें सील करने वाली मशीन और कच्चा स्प्रिट भी जब्त किया गया है.
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस ने अनिल कुमार यादव, बीरबल कुमार और ब्रजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, गिरोह के मास्टरमाइंड दिलीप यादव और मोहन यादव फरार होने में सफल रहे.
उत्पाद अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि चतरा में अवैध शराब का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. यह कार्रवाई नकली शराब माफियाओं की कमर तोड़ने वाली है.