ब्रेकिंग
Sukma News: सुकमा के गोगुंडा में माओवादी लीडर रमन्ना का स्मारक ध्वस्त, बस्तर में कमजोर होता नक्सलवाद... CAF Jawan Murder Mystery: छत्तीसगढ़ में CAF जवान की हत्या का खुलासा, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रच... CM Sai Review Meeting: छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मिशन, सीएम साय ने कौशल विकास विभाग... NHAI Big Project: सिलफिली-अंबिकापुर रोड का होगा कायाकल्प, ₹29 करोड़ से सड़क चौड़ीकरण को मिली मंजूरी Crime News: गुस्से ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार, पत्नी की हत्या करने के बाद पति ने खुद को उतारा मौत ... Board Exam 2026: बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए खुशखबरी, कल 5 फरवरी से शुरू होगा हेल्पलाइन नंबर; एक्सपर... Durg Police Campaign: नशे के खिलाफ दुर्ग पुलिस की बड़ी मुहिम, 500 ऑटो रिक्शा पर लगाए '1933' हेल्पलाइ... Mid-Day Meal Worker Protest: मानदेय की आग में बुझे 2 रसोइयों के घर के चूल्हे, 500 रुपये की बढ़ोतरी प... Bastar Road Accident: बारसूर-चित्रकोट मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, बेकाबू होकर पलटी स्कॉर्पियो; 3 की मौ... Bastar Pandum 2026: बस्तर में 7 फरवरी से शुरू होगा 'बस्तर पंडुम', आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का दि...

Haryana Faceless Property Registration: हरियाणा में जल्द शुरू होगा ‘फेसलैस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन’ पायलट प्रोजेक्ट, जानें क्या होगा फायदा

चंडीगढ़ : प्रदेश में पेपरलैस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद हरियाणा सरकार अब भूमि प्रशासन व्यवस्था में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। हरियाणा की वित्त आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य में ‘फेसलैस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ का पायलट प्रोजैक्ट फरीदाबाद से मार्च माह के अंत तक शुरू किया जाएगा।

फरीदाबाद पायलट प्रोजैक्ट राज्य का पूरी तरह से डिजिटल, फेसलैस और नागरिक केंद्रित प्रॉपटी रजिस्ट्रेशन प्रोसैस की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम है, जिसका मकसद पारदर्शिता को और बढ़ाना, फिजिकल इंटरफेस को कम करना और सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाना है। डा. मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल एक महत्वपूर्ण गवर्नेस सुधार है जो नागरिकों के भूमि प्रशासन प्रणाली के साथ बातचीत करने के तरीके को बदल देगा।

डा. मिश्रा ने बताया कि यह पायलट प्रोजैक्ट फरीदाबाद जिले की एक तहसील में 3 महीने के लिए लागू किया जाएगा। इस अवधि में इसकी कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी की जाएगी और परिणामों के आधार पर अन्य जिलों में विस्तार का निर्णय लिया जाएगा।

नई प्रणाली के माध्यम से पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल किया जाएगा, जिससे तेज प्रोसैसिंग, बेहतर दक्षता और मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी। इससे संपत्ति लेन-देन अधिक पारदर्शी और परेशानी मुक्त बन सकेगा। डा. मिश्रा ने बताया कि यह फेसलैस सिस्टम भारत सरकार के मेट बाई क्लाउड पर सुरक्षित रूप से होस्ट किया जाएगा, जिससे उच्च स्तर की डेटा सुरक्षा, स्केलेबिलिटी और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।