ब्रेकिंग
Tej Pratap Yadav Controversy: पूर्व मंत्री तेज प्रताप के खिलाफ FIR दर्ज; आकाश यादव ने लगाए घर में घु... Mumbai Versova Suicide Case: मुंबई घूमने आए युवक ने बिल्डिंग से कूदकर दी जान; प्रेमिका के साथ आया था... Monsoon Update 2026: देश के कई राज्यों में बढ़ा मानसून का दायरा; दिल्ली, बिहार और यूपी समेत इन राज्यो... Operation Sankalp to Urja Suraksha: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारतीय नौसेना का सबसे खतरनाक और बड़ा रेस... Delhi Terror Plot: पाकिस्तान से रची जा रही दिल्ली दहलाने की साजिश; ISI समर्थित TTH मॉड्यूल के 8 आतंक... Manipur Encounter: भारतीय सेना और असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई; चुराचांदपुर में UKNA उग्रवादी ढेर India-USA Relations: गृह मंत्री अमित शाह और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बैठक; आतंकवाद और ड्रग्स तस... NEET Paper Leak News: 'पेपर लीक रोकने के उपाय या कॉमेडी सर्कस?' नीट विवाद पर केजरीवाल का केंद्र सरका... Doctor Kills Domestic Help: दिल्ली के पॉश इलाके में सनसनी; डॉक्टर के घर काम करने वाली महिला की हत्या... Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे की बैठक से 6 सांसद नदारद; क्या टूटने वाली है शिवसेना UBT? जानें का...

ढाई फीट ऊंची, 12KG वजन… गाजियाबाद के जंगल में मिली भगवान कृष्ण की बेहद अनोखी मूर्ति

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कुछ महिलाओं को झाड़ियों के पास भगवान कृष्ण की मूर्ति मिली है. यह मूर्ति धातु से बनी हुई है, जो कि काफी पुरानी लग रही है. महिलाओं ने मूर्ति के बारे में पुलिस को बताया. भगवान कृष्ण की मूर्ति देखने के लिए गांव के लोगों की भीड़ जुट गई. मूर्ति ढाई फीट ऊंची है और इसका वजन 12 किलोग्राम है. कुछ लोग तो मूर्ति को देख उसकी पूजा करने लगे.

मौके पर पहुंची पुलिस ने फिर पुरातत्व विभाग को इस बारे में बताया. पुरातत्व विभाग की टीम मूर्ति को अपने साथ ले गई है. मूर्ति किस धातु की बनी है अभी इसका पता नहीं लग पाया है. यह मूर्ति ट्रॉनिका सिटी के पंचलोक गांव की झाड़ियों में मिली है. लोनी के एसडीएम निखिल चक्रवर्ती ने बताया कि कुछ महिला सफाई कर्मचारी जंगल में सफाई के लिए गई थीं. यहां झाड़ियों के पास सफाई करते समय पांच महिलाओं को मूर्ति दिखी.

एसडीएम ने बताया- करीब ढाई फीट ऊंची और 12 किलोग्राम की मूर्ति को देखने के लिए भीड़ एकत्र हो गई. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति का ससम्मान अपने पास रख हमें सूचना दी. फिर हमने पुरातात्विक विभाग को सूचना दी. वहां से आई एक टीम मूर्ति को अपने साथ ले गई है. वो पता लगाएंगे कि मूर्ति किस धातु की बनी है और यह कब की है. मूर्ति अष्टधातु और पीतल की हो सकती है.

कर्नाटक में मिली मूर्ति

इससे पहले फरवरी महीने में कर्नाटक के रायचूर जिले के एक गांव में कृष्णा नदी से भगवान विष्णु की एक प्राचीन मूर्ति मिली थी, जिसमें सभी दशावतार को उसकी आभा चारों ओर उकेरे हुए थे. इस मूर्ति के साथ एक प्राचीन शिवलिंग भी मिला. यह मूर्ति इस तथ्य को देखते हुए उल्लेखनीय है कि इस मूर्ति की विशेषताएं अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में हाल ही में प्रतिष्ठित रामलला की मूर्ति से मिलती जुलती हैं.

रायचूर यूनिवर्सिटी में प्राचीन इतिहास और पुरातत्व के लेक्चरर डॉ. पद्मजा देसाई ने विष्णु की इस मूर्ति के बारे में बताया कि कृष्णा नदी बेसिन में पाई गई इस विष्णु मूर्ति में कई खास विशेषताएं हैं. उन्होंने कहा कि इस में भगवान विष्णु के चारों ओर की आभा मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिम्हा, वामन, राम, परशुराम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि जैसे दशावतार को दर्शाया गया है.