एएमयू छात्रसंघ चुनाव में इस बार राजनीतिक दलों के बजाय क्षेत्रीय लॉबियों का दबदबा, अध्यक्ष पद के लिए कड़ी टक्कर
अलीगढ़: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में लगभग आठ वर्षों के एक लंबे अंतराल के बाद आखिरकार आज छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस प्रतिष्ठित चुनाव में कुल 35 विभिन्न पदों के लिए लगभग 145 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें छात्रसंघ और विमेंस कॉलेज यूनियन के मुख्य पदों जैसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव सहित छह प्रमुख पदों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। सुबह ठीक नौ बजे से मतदान की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है, जो शाम के पांच बजे तक अनवरत चलेगी। इसके पश्चात शाम सात बजे से वोटों की गिनती (मतगणना) का कार्य शुरू किया जाएगा।
इस बार के चुनावों की क्या है विशेषता? पारंपरिक राजनीतिक दलों के पैनल के बजाय क्षेत्रीय लॉबियों और छात्र समूहों के बीच हो रहा है कड़ा मुकाबला
इस बार का छात्रसंघ चुनाव कई मायनों में वर्ष 2018-19 में हुए पिछले चुनावों से काफी अलग और अनूठा माना जा रहा है। सबसे बड़ा बदलाव यह देखने को मिला है कि इस बार मैदान में किसी भी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय राजनीतिक दल का कोई आधिकारिक पैनल नहीं उतरा है। यहाँ मुकाबले का केंद्र राजनीतिक दलों के बैनर के बजाय अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले छात्रों की मजबूत लॉबियां बनी हुई हैं। उदाहरण के तौर पर, अध्यक्ष पद की दौड़ में बिहार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लॉबी आमने-सामने नजर आ रही हैं, जबकि उपाध्यक्ष और सचिव पदों के लिए भी पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी के उम्मीदवारों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिल रही है।
अध्यक्ष पद पर 9 समेत कुल 19 प्रत्याशी मैदान में, विमेंस कॉलेज यूनियन के तीन पदों के लिए भी 15 छात्राएं दिखा रही हैं दम
छात्रसंघ के तीन प्रमुख पदों के लिए कुल 19 प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिनमें अकेले अध्यक्ष पद के लिए नौ, उपाध्यक्ष पद के लिए सात और मानद सचिव पद के लिए तीन उम्मीदवार शामिल हैं। अध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद जुहैर अहमद, आमिना इरशाद, मोहम्मद इंतखाब, अब्दुल वहीद, मोहम्मद नोमान अशरफ, शरजील इकबाल, साहिल खान, शरजील मोहम्मद खान और असमर फरीदी मैदान में हैं। दूसरी ओर, विमेंस कॉलेज यूनियन के तीन प्रमुख पदों के लिए 15 छात्राएं चुनाव लड़ रही हैं। एएमयू छात्रसंघ चुनाव में इस बार करीब 20,000 मतदाता हैं, जबकि विमेंस कॉलेज यूनियन में लगभग 4,500 छात्राएं अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगी। कुल मिलाकर इस बार लगभग 25,500 छात्र-छात्राएं अपने नए प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं।
आठ साल के लंबे इंतजार की वजह और छात्र नेता यासिर फहाद की 19 दिन की लंबी भूख हड़ताल के बाद बहाल हुआ चुनावी माहौल
आखिरी बार एएमयू में छात्रसंघ चुनाव 2018-19 के दौरान हुए थे, जिसमें एम. सलमान इम्तियाज अध्यक्ष चुने गए थे। उसके बाद से कोविड-19 महामारी और परिसर में घटी विभिन्न घटनाओं के चलते चुनाव टलते चले गए। लंबे समय से छात्र समुदाय द्वारा चुनाव कराने की जोरदार मांग उठाई जा रही थी। इसी वर्ष छात्र नेता यासिर फहाद द्वारा की गई 19 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद आखिरकार विश्वविद्यालय प्रशासन को चुनाव कराने का ऐतिहासिक निर्णय लेना पड़ा। यही कारण है कि इस बार के चुनाव को लेकर छात्रों में अभूतपूर्व उत्साह और जोश देखने को मिल रहा है।
शाम 5 बजे तक चलेगा मतदान, शाम 7 बजे से शुरू होगी मतगणना और देर रात तक आ जाएंगे नए प्रतिनिधियों के परिणाम
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मतदान और मतगणना के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। सुबह नौ बजे से शुरू हुआ मतदान शाम पांच बजे तक संपन्न होगा। इसके तुरंत बाद शाम सात बजे से निर्धारित केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। मतगणना स्थलों के बाहर छात्रों का भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि देर रात तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी और एएमयू को उसका नया छात्रसंघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव मिल जाएगा। नए नेतृत्व के सामने अब विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।