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मध्य प्रदेश की राजधानी में दिल दहला देने वाला कांड, कर्ज के दलदल में फंसे शेफ ने की मां, पत्नी और दो बच्चों की हत्या फिर खुद दी जान

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद वीभत्स और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। शहर के छोला मंदिर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक 35 वर्षीय शेफ नरेंद्र साहू ने गंभीर वित्तीय संकट और भारी-भरकम कर्ज के दबाव में आकर अपनी मां, पत्नी और दो मासूम बच्चों की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र में जाकर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवनलीला भी समाप्त कर ली। कभी खुद का रेस्टोरेंट चलाने वाला नरेंद्र कारोबार में लगातार मिल रहे घाटे के कारण धीरे-धीरे गहरे आर्थिक संकट में फंसता चला गया था, और मकान, कार तथा बाइक जैसी संपत्तियां बेचने के बावजूद उसका कर्ज नहीं उतर पाया था।

व्यापार में लगातार दो बड़े झटकों के बाद बिगड़ी आर्थिक स्थिति, रेस्टोरेंट और पुरानी गाड़ियों का कारोबार हुआ पूरी तरह चौपट

मृतक नरेंद्र साहू की बहन मधु द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक समय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह सामान्य और सुखी थी। नरेंद्र ने पार्टनरशिप में एक रेस्टोरेंट का कारोबार शुरू किया था, लेकिन उसमें लगातार घाटा होने के कारण उसे आखिरकार वह काम बंद करना पड़ा। इसके बाद उसने उम्मीद जताई कि पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का कारोबार उसकी आर्थिक स्थिति को संभाल लेगा और पुराने कर्ज भी चुका दिए जाएंगे। हालांकि, दुर्भाग्यवश इस दूसरे कारोबार में भी उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, और करीब एक साल पहले उसे यह काम भी समेटना पड़ गया।

बढ़ता हुआ कर्ज और देनदारियों का बोझ, मकान, कार, बाइक बेचने और गहने गिरवी रखने के बावजूद नहीं कम हुई मुश्किलें

लगातार दो बड़े व्यापारिक उपक्रमों में असफलता मिलने के कारण नरेंद्र की वित्तीय स्थिति पूरी तरह चरमरा गई। परिजनों के मुताबिक, वह अक्सर यह जिक्र करता था कि उस पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज है, जबकि परिवार का आकलन था कि उस पर लगभग 25 से 30 लाख रुपये की देनदारी थी। वहीं, पुलिस की शुरुआती और तकनीकी जांच में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस बढ़ते कर्ज को चुकाने के दबाव में नरेंद्र ने खेजड़ा स्थित अपना पुश्तैनी मकान बेच दिया, अपनी कार और बाइक बेच दी, और तो और परिवार के जरूरी गहने तक गिरवी रखने पड़े, लेकिन इसके बावजूद उसकी आर्थिक परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही थीं।

अक्टूबर 2025 में मालीखेड़ी के किराए के मकान में शिफ्ट हुआ परिवार, बुजुर्ग मां को खुद मेहनत कर चलाना पड़ रहा था घर का खर्च

मकान और गाड़ियां बिक जाने के बाद अक्टूबर 2025 में यह परिवार मालीखेड़ी स्थित एक किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर हो गया। महज़ एक साल पहले जिस परिवार के पास अपना खुद का पक्का घर और स्थापित कारोबार हुआ करता था, वह अब कर्ज के बोझ तले घुटने को मजबूर हो चुका था। बहन मधु के अनुसार, आर्थिक हालात इतने बदतर हो चुके थे कि नरेंद्र ने घर का खर्च देना भी पूरी तरह बंद कर दिया था। पिता के निधन के बाद घर में सबसे बड़ा होने के नाते सारी जिम्मेदारी उसी पर थी, लेकिन मानसिक तनाव के चलते वह खुद को संभाल नहीं पा रहा था। स्थिति यह हो गई थी कि उसकी बुजुर्ग मां सरस्वती को खुद मेहनत-मजदूरी करके मकान का किराया और घर का खर्च चलाना पड़ रहा था।

घटना से 15 दिन पहले छोड़ दी थी आष्टा के होटल की नौकरी, चार दिन पहले एक लेनदार के घर आने से बढ़ गई थी बेचैनी

परिजनों ने बताया कि कारोबार बंद होने के बाद नरेंद्र आष्टा क्षेत्र के एक होटल में बतौर शेफ काम करके परिवार का गुजारा चलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस वीभत्स घटना से लगभग 15 दिन पहले उसने वहां भी काम पर जाना बंद कर दिया था। लगातार बढ़ते कर्ज और वित्तीय तंगी के कारण वह गहरे मानसिक अवसाद में था। स्थिति तब और अधिक गंभीर हो गई जब घटना से महज चार दिन पहले एक लेनदार पैसे की मांग करते हुए सीधे उसके घर आ धमका, जिससे नरेंद्र की बेचैनी और असुरक्षा की भावना चरम पर पहुंच गई थी। हालांकि, परिजनों ने उसे ढांढस बंधाते हुए हिम्मत रखने और धीरे-धीरे हालात सुधारने की बात कही थी, लेकिन उन्हें इस बात का दूर-दूर तक अंदेशा नहीं था कि तनाव का यह दौर इतने बड़े खौफनाक अंजाम तक पहुंच जाएगा।

मां, पत्नी और दो बच्चों की बेरहमी से हत्या के बाद ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस ने मौके से चाकू और हथौड़ा किया बरामद

पुलिस विभाग से प्राप्त विवरण के अनुसार, सोमवार को नरेंद्र ने छोला मंदिर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मालीखेड़ी स्थित अपने किराए के मकान में ही अपनी मां सरस्वती (50), पत्नी सोमलता (29), 10 वर्षीय पुत्री कीर्ति और 6 वर्षीय पुत्र कुश की धारदार हथियार से कथित रूप से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र में पहुंचा और चलती ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने घटनास्थल से एक खून से सना चाकू और एक हथौड़ा बरामद किया है, जिन्हें विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

पुलिस उपायुक्त आदर्शकांत शुक्ला का बयान, सामूहिक हत्याकांड के पीछे के अन्य संभावित कारणों की भी की जा रही है गहन जांच

इस सनसनीखेज मामले पर जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि आरोपी नरेंद्र ने करीब एक साल पहले ही अपनी संपत्ति बेच दी थी, किंतु उसके बाद भी वित्तीय संकट कम नहीं हुआ था। पुलिस ने चार लोगों की हत्या और एक आत्महत्या का गंभीर प्रकरण दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि प्राथमिक रूप से सामने आई आर्थिक तंगी के अलावा इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे कोई अन्य वजह या पारिवारिक विवाद तो नहीं था। इसके लिए परिवार के अन्य सदस्यों के बयान, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुटाए गए तमाम साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है।