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Sudesh Mahto on Mining Act: धनबाद में सुदेश महतो ने अवैध खनन और सरकारी अधिकारियों के संरक्षण पर उठाए गंभीर सवाल, चरमराई वित्तीय स्थिति पर घेरा

धनबाद: देश के पहले गृहमंत्री एवं ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के पावन अवसर पर झारखंड के कोयलांचल धनबाद में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने इस मंच से राज्य की वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर खुलकर तीखे प्रहार किए। उन्होंने माइनिंग एक्ट, अवैध खनन के बढ़ते मामलों और सरकार की वित्तीय कार्यप्रणाली को लेकर तीखा हमला बोला। सुदेश महतो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड के गठन और यहां की मूल पहचान का सबसे बड़ा और मजबूत आधार यहां की विपुल खनिज संपदा रही है, इसलिए इस पर राज्य का पूर्ण अधिकार हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने धनबाद को अवैध खनन का बड़ा केंद्र करार देते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया कि यहां सरकारी अधिकारियों के संरक्षण में अवैध खदानें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं।

अखिल भारतीय पटेल सेवा संघ के समारोह में शामिल हुए आजसू प्रमुख, झारखंड के खनिज अधिकारों से किसी भी प्रकार के समझौते से किया इनकार

अखिल भारतीय पटेल सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित इस जयंती समारोह में समाज के सैकड़ों लोग और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने राज्य के ज्वलंत और महत्वपूर्ण मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सबसे मुखर तेवर माइनिंग एक्ट और धनबाद में पनप रहे अवैध खनन के कारोबार को लेकर दिखाए। सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा ही अलग राज्य की परिकल्पना और इसके संघर्ष का मुख्य आधार रही है। ऐसे में इन खनिजों से प्राप्त होने वाले राजस्व और उनके समुचित उपयोग में राज्य की प्रभावी भूमिका व अधिकार तय होने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर अपने कार्यकाल के दौरान भी प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और संबंधित विभाग के प्रभारी मंत्री को पत्र लिखकर अपनी बात रखी थी। उनका मानना था कि सरकारें भले ही बदलती रहें, लेकिन राज्य के मूल अधिकारों और हितों से कभी भी कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

धनबाद में चल रहा है ‘सेल्फ माइनिंग’ का खेल, अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही हैं निजी खदानें— सुदेश महतो

धनबाद जिले में हो रहे अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए सुदेश महतो ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों से खनन के क्षेत्र में मनमाने ढंग से ‘सेल्फ माइनिंग’ का खेल खेला जा रहा है। निर्धारित कानूनी सीमाओं से कहीं अधिक संख्या में निजी खदानें चलाई जा रही हैं और स्थानीय सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत व संरक्षण के बिना यह सब संभव नहीं है। धनबाद को इस अवैध गतिविधि का प्रमुख केंद्र बताते हुए उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इन तमाम अवैध खदानों को तुरंत प्रभाव से बंद कराया जाए।

वित्त विभाग की विफलता पर उठाए सवाल, बोले— सरकार की नीतियों के कारण चरमरा रहा है राज्य का वित्तीय ढांचा और वेतन का संकट

राज्य की आर्थिक बदहाली पर बात करते हुए आजसू अध्यक्ष ने सरकार की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने राज्य के वित्त विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार राजस्व संग्रह के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वर्तमान स्थिति यह बन चुकी है कि सरकारी कर्मचारियों को समय पर उनका वेतन तक नसीब नहीं हो रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि झारखंड का पूरा वित्तीय ढांचा धीरे-धीरे चरमराता जा रहा है।

परीक्षा व्यवस्था और संस्थाओं को राजनीतिक विवादों से दूर रखने की जरूरत, युवाओं के संघर्ष के बाद आए सकारात्मक परिणाम

देशभर की परीक्षा प्रणालियों और बड़ी परीक्षाएं आयोजित करने वाली संस्थाओं की विश्वसनीयता पर हाल ही में उठे सवालों के संदर्भ में सुदेश महतो ने कहा कि छात्र-युवाओं के कड़े विरोध और लंबे संघर्ष के बाद अब जाकर कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और आवश्यक बदलाव करने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से जुड़े राजनीतिक सवालों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जब कभी भी किसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था पर उंगलियां उठती हैं, तो संस्था से जुड़े जिम्मेदार लोगों को आगे आकर तत्काल अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में ऐसी महत्वपूर्ण संस्थाओं को अनावश्यक राजनीतिक विवादों से दूर रखना बेहद जरूरी है।

सरदार वल्लभभाई पटेल के देश को एकजुट करने वाले ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद, समाज के लोगों ने ली प्रेरणा

इस आयोजन के मूल उद्देश्य की चर्चा करते हुए सुदेश महतो ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के अतुलनीय योगदान को याद किया और कहा कि उन्होंने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से बिखरे हुए रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण का ऐतिहासिक कार्य किया था। अखिल भारतीय पटेल सेवा संघ के इस गरिमामयी समारोह में पहुंचे लोगों ने सरदार पटेल के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों पर पूरी निष्ठा के साथ चलने का संकल्प दोहराया।