Ranchi Police Action: राहुल दुबे गैंग के खिलाफ रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हथियार सप्लायर जियाउल हबीब समेत छह अपराधी गिरफ्तार
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कुख्यात अपराधी राहुल दुबे के गिरोह के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक अपराधी के घायल होने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, अब पुलिस ने इस गैंग को अवैध हथियार सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी जियाउल हबीब को भी धर दबोचा है। पुलिस ने यह ताजा कार्रवाई शहर के डोरंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत विशेष छापेमारी कर अंजाम दी है। इस पूरे अभियान के दौरान अब तक पुलिस के हत्थे कुल छह अपराधी चढ़ चुके हैं, जिनसे पूछताछ कर राहुल दुबे सिंडिकेट के अन्य गुर्गों और हथियारों के अवैध नेटवर्क के बारे में गहरी तहकीकात की जा रही है।
सिटी एसपी पारस राणा ने दी जानकारी, आदित्य, मोहित, ऋषभ, शौरभ और जियाउल हबीब समेत छह आरोपी गिरफ्तार
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों में मुख्य रूप से आदित्य कुमार, मोहित पासवान, ऋषभ कुमार, शौरभ कुमार और जियाउल हबीब के नाम शामिल हैं। इनमें से जियाउल हबीब पर राहुल दुबे गैंग को लगातार अवैध हथियार और कारतूस मुहैया कराने का गंभीर आरोप है। पुलिस अब इस बात की भी बहुत बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर इस गिरोह को हथियारों की खेप कहां से और किसके माध्यम से मिलती थी, तथा इस काले कारोबार में परदे के पीछे और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।
भारी मात्रा में हथियार और गाड़ियां बरामद, पुलिस ने रिंग रोड से की थी शुरुआत
इस सिलसिलेवार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से कुल चार उन्नत पिस्तौल, आठ राउंड जिंदा गोलियां, पांच मैगजीन, एक कार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। राजधानी में राहुल दुबे गैंग की आपराधिक गतिविधियों और धमकियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए रांची पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य इस गिरोह से जुड़े बचे हुए अन्य अपराधियों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजना और हथियारों की आपूर्ति करने वाले पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकना है।
रिंग रोड इलाके में कार से घूम रहे थे बदमाश, गुप्त सूचना पर विशेष टीम ने की घेराबंदी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गत 30 अक्टूबर को पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह के कुछ शातिर अपराधी एक चार पहिया वाहन में सवार होकर रिंग रोड के आसपास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे हैं और किसी बड़ी संगीन वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार, नगर एवं ग्रामीण एसपी के कुशल निर्देशन तथा हटिया के वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने तत्परता दिखाते हुए कांके रिंग रोड क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोक लिया और उसमें सवार चार अपराधियों को दबोच लिया। जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से दो पिस्तौल, गोलियां, मैगजीन और कई मोबाइल फोन बरामद हुए। प्रारंभिक पूछताछ में ही यह साफ हो गया कि ये सभी बदमाश राहुल दुबे गिरोह के लिए काम करते हैं और शहर के विभिन्न इलाकों में हुई फायरिंग की वारदातों में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने इनकी निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए सीठियो इलाके में दबिश दी।
सीठियो में छापेमारी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में अपराधी सौरभ घायल
जब पुलिस टीम सीठियो क्षेत्र में छापेमारी करने पहुंची, तो वहां छिपे एक अपराधी ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए पुलिस दल को सीधा निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपनी और जनता की जान की रक्षा के लिए पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में अपराधी सौरभ कुमार के पैर में गोली जा लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल सौरभ को तुरंत इलाज के लिए रिम्स (RIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास, पुलिस ने दर्ज किया नया मामला
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में से जियाउल हबीब के खिलाफ पहले से ही चुटिया और डोरंडा थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी प्रकार, गुड्डू मिश्रा के नाम पर मांडर, सदर और रामगढ़ थानों में चोरी तथा अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा आदित्य कुमार राम, ऋषभ कुमार और सौरभ कुमार का भी पूर्व का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इस संबंध में धुर्वा थाना कांड संख्या 285/26 के तहत 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। रांची पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध हथियारों के बल पर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ उनका यह विशेष अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।