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Madhya Pradesh Power Crisis: मध्य प्रदेश में गहराया बिजली संकट, मांग और आपूर्ति में 4000 मेगावाट से ज्यादा का अंतर

भोपाल: मध्य प्रदेश में बिजली के अचानक बढ़े संकट ने राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली की मांग में अचानक भारी बढ़ोतरी होने के कारण डिमांड और सप्लाई में करीब 4 हजार मेगावाट से भी ज्यादा का बड़ा अंतर पैदा हो गया है। हालांकि, इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने रास्ता निकाल लिया है और अब बिजली की कमी को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात से बिजली खरीदने का फैसला किया गया है। इसके अलावा, सरदार सरोवर परियोजना और बिरसिंहपुर थर्मल परियोजना में भी बिजली का उत्पादन दोबारा शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि इस बिजली संकट को जल्द ही पूरी तरह से दूर कर लिया जाएगा।

📈 प्रदेश में बिजली की मांग में 44 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी

मध्य प्रदेश में बिजली की मांग में अचानक जबरदस्त उछाल आने से यह संकट खड़ा हुआ है। राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 17 हजार 124 मेगावाट तक पहुँच चुकी है, जबकि पिछले साल यह आँकड़ा 11 हजार 874 मेगावाट था। इस तरह बिजली की खपत और मांग में लगभग 44 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहरी इलाकों में बिजली की खपत बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रबी फसलों की बोवनी और धान की सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ने के कारण ये हालात बने हैं।

दूसरी ओर, कोयले की कमी और तकनीकी कारणों से बिजली उत्पादन में करीब 1 हजार मेगावाट की कमी आने से संकट और गहरा गया है। राजधानी भोपाल सहित सीहोर, बैतूल, विदिशा, राजगढ़, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, अशोकनगर और भिंड जैसे जिलों में शाम के वक्त माँग और आपूर्ति में अंतर साफ देखा जा सकता है। बिजली की पूरी पूर्ति न हो पाने के कारण प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में 5 घंटे तक की बिजली कटौती भी करनी पड़ रही है।

🤝 संकट से निपटने के लिए राज्यों से समझौता और परियोजनाओं से राहत

किसानों के विरोध प्रदर्शन और कैबिनेट बैठकों में मंत्रियों द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार हरकत में आई है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह के अनुसार, बिजली की कमी की यह समस्या केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई अन्य राज्य भी इससे प्रभावित हुए हैं। इस संकट से पार पाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात से बिजली लेने की पुख्ता व्यवस्था की है।

  • गुजरात से समझौता: मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने गुजरात के मुख्य सचिव एम.के. दास से इस संबंध में चर्चा की है।

  • पंजाब और उत्तर प्रदेश: प्रदेश सरकार पहले पंजाब को 500 मेगावाट बिजली दे रही थी, जिसे फिलहाल रोक दिया गया है और अब पंजाब अगले महीने से मध्य प्रदेश को 500 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से भी 500 मेगावाट बिजली ली जा रही है।

  • उत्पादन परियोजनाओं से उम्मीद: तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी बिरसिंहपुर थर्मल परियोजना में बिजली उत्पादन फिर से शुरू हो गया है। इसके अलावा सरदार सरोवर परियोजना से भी 1 हजार मेगावाट का उत्पादन शुरू हो चुका है, जिससे राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार ने स्थिति से निपटने के सभी रास्ते तैयार कर लिए हैं और जल्द ही हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे।