Hansi Wrestler Suicide Case: हांसी में 18 वर्षीय नेशनल मेडलिस्ट रेसलर ने लगाया फंदा, भिवानी के महावीर स्टेडियम में करता था तैयारी
हांसी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 18 वर्षीय एक युवा रेसलर ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह प्रतिभावान पहलवान भिवानी के प्रसिद्ध महावीर स्टेडियम में कुश्ती की कड़ी तैयारी कर रहा था और वहीं रहकर कोचिंग ले रहा था। घटना से दो दिन पहले ही वह घर से करीब 48 हजार रुपए लेकर भिवानी गया था। बुधवार शाम को वह अपने पैतृक गाँव लौटा और रात को खाना खाने के बाद पास ही स्थित पशुओं के बाड़े में सोने के लिए चला गया था। गुरुवार सुबह जब उसके चाचा ने उसे फंदे पर लटका देखा, तो उनके होश उड़ गए। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें भिवानी के 3 लोगों के नाम लिखे होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल पैसों के लेनदेन को लेकर आशंका जताई जा रही है, लेकिन मौत की असल वजह पुलिस जाँच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
मृतक की पहचान गाँव बास खुर्द निवासी धीरेंद्र के रूप में हुई है। बुधवार शाम घर लौटने के बाद उसने परिजनों के साथ समय बिताया और रात को बाड़े में सोने चला गया। गुरुवार सुबह करीब 5 बजे उसके चाचा ने जब उसे फंदे पर झूलते देखा तो तुरंत परिजनों व पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था।
📝 सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम और पैसों के लेनदेन की आशंका
मृतक के परिजनों के मुताबिक, धीरेंद्र के पास से मिले सुसाइड नोट में भिवानी के प्रेमनगर निवासी दो सगे भाइयों और प्रेमनगर बिजली घर में कार्यरत एक अन्य व्यक्ति का नाम शामिल है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि वे इन लोगों के बारे में कुछ नहीं जानते और न ही उन्हें यह पता है कि धीरेंद्र से इनका क्या संबंध था।
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पैसे लेकर भिवानी जाना: धीरेंद्र दो दिन पहले घर से लगभग 48 हजार रुपए लेकर भिवानी गया था। वह महावीर स्टेडियम में कुश्ती की प्रैक्टिस करता था और वहीं किराए का कमरा लेकर रहता था। वह रुपए किस काम के लिए लेकर गया था, यह अभी रहस्य बना हुआ है। पुलिस पैसों के लेनदेन को इस दुखद कदम की संभावित वजह मानकर चल रही है।
🤼 प्रतिभाशाली था धीरेंद्र, पिता की मौत के बाद प्रभावित हुई थी तैयारी
परिजनों ने जानकारी दी कि धीरेंद्र पिछले 7-8 वर्षों से कुश्ती में पूरी मेहनत कर रहा था। अपने पिता के निधन से पहले वह जूनियर नेशनल स्तर पर पदक भी जीत चुका था। इसके बाद उसका चयन प्रतिष्ठित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के हॉस्टल के लिए भी हो गया था। हालांकि, पिता की असामयिक मृत्यु के बाद उसकी ट्रेनिंग काफी प्रभावित हुई और वह ट्रायल में बाहर हो गया था। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और भिवेंद्र में कमरा लेकर दोबारा कुश्ती की तैयारी में जुटा था।
धीरेंद्र के परिवार में अब उसकी माँ और एक बड़ा भाई बचा है, जो ड्राइवरी करके परिवार का गुजारा करता है। बास थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट और एफएसएल टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को आधार बनाकर गहनता से जाँच की जा रही है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।