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Dhamtari News Update: हाईकोर्ट के आदेश के 6 साल बाद भी पुनर्वास का इंतजार, गंगरेल जल सत्याग्रह पर बनी सहमति

छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित गंगरेल बांध के बोटिंग पॉइंट पर पिछले तीन दिनों से जारी डूब प्रभावित परिवारों का अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह बुधवार शाम समाप्त हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच हुई सकारात्मक चर्चा के बाद सत्याग्रह वापस लेने पर सहमति बनी। बैठक में तय हुआ कि जिला प्रशासन आगामी 15 से 20 दिनों के भीतर राज्य के राजस्व मंत्री और वन मंत्री के समक्ष प्रभावितों के पुनर्वास व व्यवस्थापन के मुद्दे पर बैठक आयोजित कराएगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री की अनुमति से दोनों पक्षों का प्रतिनिधिमंडल चर्चा करेगा।

📜 52 गांवों की जमीन हुई थी जलमग्न, हाईकोर्ट के आदेश के 6 साल बाद भी पुनर्वास का इंतजार

गौरतलब है कि गंगरेल बांध के निर्माण के दौरान कुल 52 गांवों के लोगों की उपजाऊ जमीनें और मकान डूब क्षेत्र में समा गए थे। दशक बीत जाने के बावजूद विस्थापित परिवार आज भी भूमि आवंटन और उचित व्यवस्थापन की मांग को लेकर भटक रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि उच्च न्यायालय (High Court) के आदेश के करीब छह साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा से क्षुब्ध होकर 12 अक्टूबर से प्रभावित परिवारों ने पानी में उतरकर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू किया था।

🤝 प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में हुई वार्ता, मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा पुनर्वास का मामला

बुधवार शाम गंगरेल स्थित निरीक्षण गृह में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), एसडीओपी और तहसीलदार समेत सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों की मौजूदगी में लंबी बैठक हुई। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि नियमानुसार विस्थापितों के हक और पुनर्वास से जुड़े मामले को शासन स्तर पर प्राथमिकता से उठाया जाएगा। आंदोलन समाप्त होने से गंगरेल बोटिंग पॉइंट पर स्थिति सामान्य हो गई है, हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर से निर्धारित समय सीमा में न्यायसंगत फैसला नहीं लिया गया तो वे पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।