ब्रेकिंग
Uttarakhand Murder Case: वनंतरा रिसॉर्ट कांड के दोषियों को सजा के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, अंकिता ... Madhya Pradesh Navratri: अन्न-जल त्यागकर मौन व्रत और शरीर पर जवारे बोए, रीवा के भक्त की अद्भुत भक्ति... Barwani News: बड़वानी के प्रसिद्ध मां मोटी माता मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, 200 साल पुरानी स्वयं... Legal Notice: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा पर उठे सवाल, क्या अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को हुआ था वध? Digvijay Singh Padayatra: 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होगी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा', अयोध्या त... Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाय... Shivpuri News: कंकाल की प्रतिमा और अजब रहस्यों से जुड़ा बलारी माता मंदिर, नवरात्रि में उमड़ती है भार... Jagdalpur Adawal School: दिव्यांग छात्रों ने किया चक्काजाम और प्रदर्शन, समाज कल्याण विभाग के आश्वासन... PMGSY Plastic Roads: कोरबा में प्लास्टिक कचरे से डामर की सड़कें बनाने की तैयारी, स्वसहायता समूहों को... Raipur to Bilaspur Bus Fare: छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ की मांग पर बस किराया महंगा, नई दरें 13 अक्टूबर...

शराब की दुकानों पर उम्र की अनिवार्य जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र के जवाब न देने पर जताई नाराजगी

देशभर में शराब की दुकानों, बार और पबों में उम्र की अनिवार्य जांच (Age Verification) की मांग से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इतनी महत्वपूर्ण याचिका पर भी केंद्र सरकार की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जो यह दर्शाता है कि इस गंभीर मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई शुरू करते हुए पाया कि नोटिस जारी होने के बावजूद केंद्र की तरफ से कोई प्रतिनिधित्व नहीं किया गया। इस पर जस्टिस नाथ ने नाराजगी जताते हुए टिप्पणी की, “प्रतिवादी को नोटिस भेजा गया है, लेकिन कोई पेश नहीं हो रहा है। यह एक बेहद अहम मुद्दा है, क्या वे इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं?” याचिकाकर्ता के वकील ने भी सहमति जताते हुए कहा कि मामले में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसके बाद बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस केस में पेश होने का अनुरोध करने का निर्णय लिया और मामले की अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद तय की है।

🚗 ‘कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग’ ने दायर की है याचिका, टेट्रा पैक पर भी रोक की मांग

यह महत्वपूर्ण याचिका ‘कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग’ (CADD) नामक एक गैर-लाभकारी संगठन द्वारा दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि देश के सभी राज्यों में शराब की दुकानों, बार, पब और रेस्तरां में शराब खरीदने वालों की उम्र की जांच की एक अनिवार्य और एक समान व्यवस्था लागू की जाए, ताकि नाबालिगों द्वारा शराब पीने और उसके बाद नशे में गाड़ी चलाने (Drunken Driving) जैसी वारदातों पर लगाम लगाई जा सके।

  • एक समान प्रोटोकॉल की जरूरत: याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि अलग-अलग राज्यों में शराब खरीदने की कानूनी उम्र सीमा अलग होने के कारण पूरे देश में बिक्री के शुरुआती बिंदु पर ही उम्र जांचने का एक कड़ा और समान प्रोटोकॉल होना चाहिए। वर्तमान में कई राज्यों में न्यूनतम उम्र की आवश्यकता 18 या 25 वर्ष है, जिससे असमंजस की स्थिति बनती है।

  • टेट्रा पैक की बिक्री पर आपत्ति: कोर्ट ने CADD की एक अन्य जुड़ी हुई याचिका पर भी सुनवाई की, जिसमें उन टेट्रा पैक्स में शराब बेचने पर रोक लगाने की मांग की गई है जो देखने में बिल्कुल फ्रूट जूस जैसे लगते हैं। इस मामले में टेट्रा पैक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार की पक्षकार बनने की अर्जी को कोर्ट ने मंजूर कर लिया। एडवोकेट दातार ने बताया कि देश के 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस तरह के टेट्रा पैक में शराब की बिक्री की जा रही है।