ब्रेकिंग
Madhya Pradesh Navratri: अन्न-जल त्यागकर मौन व्रत और शरीर पर जवारे बोए, रीवा के भक्त की अद्भुत भक्ति... Barwani News: बड़वानी के प्रसिद्ध मां मोटी माता मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, 200 साल पुरानी स्वयं... Legal Notice: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा पर उठे सवाल, क्या अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को हुआ था वध? Digvijay Singh Padayatra: 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होगी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा', अयोध्या त... Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाय... Shivpuri News: कंकाल की प्रतिमा और अजब रहस्यों से जुड़ा बलारी माता मंदिर, नवरात्रि में उमड़ती है भार... Jagdalpur Adawal School: दिव्यांग छात्रों ने किया चक्काजाम और प्रदर्शन, समाज कल्याण विभाग के आश्वासन... PMGSY Plastic Roads: कोरबा में प्लास्टिक कचरे से डामर की सड़कें बनाने की तैयारी, स्वसहायता समूहों को... Raipur to Bilaspur Bus Fare: छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ की मांग पर बस किराया महंगा, नई दरें 13 अक्टूबर... Bishrampur Chakkajam: सुबह 6 से रात 10 बजे तक नो-एंट्री लागू करने की मांग, प्रशासनिक आश्वासन के बाद ...

Jagdalpur Adawal School: दिव्यांग छात्रों ने किया चक्काजाम और प्रदर्शन, समाज कल्याण विभाग के आश्वासन के बाद भी हालात गंभीर

जगदलपुर। बस्तर मुख्यालय से लगे आड़ावाल स्थित दिव्यांग बच्चों के आवासीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था इन दिनों बड़े सवालों के घेरे में आ गई है। शासन की मंशा इन विशेष बच्चों को बेहतर शिक्षा और भविष्य देने की है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अपनी इस जायज मांग को जब छात्रों ने प्रबंधन के सामने रखा, तो उन्हें कथित तौर पर स्कूल से बाहर निकालने या टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) थमाने की धमकी दी जाने लगी, जिसके बाद मंगलवार को मजबूर होकर दिव्यांग छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

⚠️ बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों की जंग: आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा, ब्रेल लिपि और उपकरणों का अभाव

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे अपनी पढ़ाई बचाने के लिए ही आवाज उठा रहे हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन उनकी बात सुनने की बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रहा है। दिव्यांग स्कूलों और छात्रावासों में बच्चों के लिए कई तरह की मानक सुविधाएं होनी अनिवार्य हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • स्कूल में पर्याप्त संख्या में विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति।

  • बच्चों के लिए पौष्टिक आहार, सुरक्षा गार्ड और रैंप-रेलिंग की व्यवस्था।

  • दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ब्रेल लिपि की किताबें, स्क्रीन रीडर, ऑडियोबुक और स्पीच-टू-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर।

  • शारीरिक स्थिति के अनुकूल विशेष कुर्सियां और कम दृष्टि वाले बच्चों के लिए बड़े अक्षरों की अध्ययन सामग्री।

👩‍💼 समाज कल्याण विभाग का बयान: भर्ती प्रक्रिया जारी होने का दावा, जल्द दूर होगी समस्या

मामले के तूल पकड़ने के बाद समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक सुचित्रा लकड़ा ने आड़ावाल स्कूल में शिक्षकों की कमी की बात को स्वीकार किया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया जारी है और छात्रावास से जुड़ी अन्य शिकायतों तथा भोजन के मैन्यू की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य कमजोर, वंचित और निःशक्त बच्चों को बेहतर पुनर्वास और शिक्षा उपलब्ध कराना है, और जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा।