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Bihar Flood News: छपरा में बाढ़ का पानी उतरने के बाद नई मुसीबत, मलबे और महामारियों के साए में जीने को मजबूर लोग

बिहार के छपरा (सारण) जिले में आई भीषण बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा है। मकेर, पानापुर और परसा जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति में कुछ सुधार जरूर देखा जा रहा है। यहाँ कई गाँवों से तो पानी निकल चुका है, लेकिन दूर-दूर तक खेत अभी भी जलमग्न हैं और किसानों की सारी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। बाढ़ का पानी हटने के बाद अब यहाँ के लोग मलबा, बीमारी और तबाही जैसी नई-नई चुनौतियों से जूझने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों का दिन तो जैसे-जैसे कट जाता है, लेकिन शाम ढलते ही उनका दिल सहमने लगता है।

🌑 शाम ढलते ही छा जाता है अंधेरा, खुले आसमान के नीचे कट रहीं रातें

स्थानीय लोगों का दर्द है कि कई इलाकों में अभी तक बिजली की सुचारू आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है, जिसके कारण शाम होते ही पूरे इलाके में घना अंधेरा छा जाता है।

  • सांप-बिच्छू और कीड़े-मकोड़ों का खतरा: बाढ़ का पानी कम होने के बाद जमीन से सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव बड़ी संख्या में बाहर निकल रहे हैं, जिससे लोगों का खतरा बढ़ गया है।

  • खुले आसमान के नीचे रातें: मकेर और पानापुर ही नहीं, बल्कि सारण जिले के आठों बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में हजारों लोग सब कुछ गंवा चुके हैं। ज्यादातर लोगों की रातें आज भी खुले आसमान के नीचे या आसमान में बादल छाए रहने के डर के साये में कट रही हैं। एक समय ऐसा भी था जब छपरा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 722) पर कई फीट पानी भर जाने के कारण यह मुख्य मार्ग कई दिनों तक पूरी तरह बंद रहा था।

🏛️ प्रशासनिक राहत और लोगों का संघर्ष

जिला प्रशासन की ओर से डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार के नेतृत्व में लगातार राहत कार्य चलाए जा रहे हैं, और पीड़ितों तक मदद पहुँचाने की कोशिश हो रही है।

  • राहत पहुँचने में दिक्कत: तटबंध टूटने और चारों तरफ पानी घिरे होने के कारण आज भी कई दूर-दराज के गाँवों तक भोजन, राशन और चिकित्सा सुविधा नहीं पहुँच पा रही है।

  • मलबा समेटने की मजबूरी: कई लोगों के नए और पुराने मकान क्षतिग्रस्त या जमींदोज हो चुके हैं। पानी उतरने के बाद लोग अपने घरों से कीचड़ और मलबा साफ करने में जुटे हैं। धूप निकलते ही लोग अपने भीगे हुए गद्दे, कपड़े और घरेलू सामान सुखाते नजर आ रहे हैं, लेकिन महामारी फैलने का डर हर पल लोगों को सता रहा है।