ब्रेकिंग
Chitrakoot News Today: कानपुर से दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर को... Balaghat News Today: 2009 से फर्जी मेडिकल डिग्री पर दे रहा था सेवा, बिरसा में पूर्व बीएमओ के खिलाफ प... Durga Puja Ranchi Update: त्योहारी सीजन में नगर निगम कर्मचारियों के अल्टीमेटम से बढ़ी मुश्किलें, जयप... Surajpur Crime News: जयनगर में मां और 12वीं के छात्र बेटे की संदिग्ध हालत में मिली लाश, इलाके में फै... Kunkuri Elephant Attack Panic: महागिरजाघर और होली क्रॉस अस्पताल परिसर में पहुंचा लोनर हाथी, दहशत में... Bhilai Student Suicide: अस्थि विसर्जन में नहीं ले जाने से नाराज था छात्र, जामुल थाना क्षेत्र में घर ... Dongargarh Double Murder: राजनांदगांव में मां-बेटे की बेरहमी से हत्या, गंभीर रूप से घायल बेटी अस्पता... Bastar Dussehra 2026: बस्तर दशहरे की अनूठी परंपरा, दंतेश्वरी मंदिर में कलश स्थापना के साथ जलाई गई अख... Hazaribagh Fire News: बड़ा बाजार के मोटरसाइकिल शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों के वाहन जलकर खाक Jharkhand News: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ राहुल गांधी के आह्वान पर भड़की सियासत, दिल्ली प्रदर्शन मे...

Smart Meter App Usage India: स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद 80% से ज्यादा लोग नहीं कर रहे मोबाइल ऐप का इस्तेमाल

देशभर में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में तेजी से स्मार्ट मीटर (Smart Meter) लगाए जा रहे हैं। इन आधुनिक मीटरों का मुख्य उद्देश्य बिजली की खपत और खर्च की जानकारी उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंचाना, बिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और बिजली सप्लाई से जुड़ी सेवाओं को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों की मदद से उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बिजली की खपत, प्रीपेड मीटर का बैलेंस और खर्च से जुड़ी सभी जानकारियां आसानी से देख सकते हैं।

हालांकि, स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद इनसे मिलने वाली डिजिटल सुविधाओं का उपयोग अभी भी काफी सीमित है। रिपोर्टों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर वाले 20% से भी कम उपभोक्ता संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं, यानी 80% से ज्यादा लोग आज भी इस डिजिटल सुविधा से दूर हैं।

📱 लोग स्मार्ट मीटर ऐप का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं?

स्मार्ट मीटर लगना और उसका डिजिटल रूप से उपयोग करना दो अलग बातें हैं। मीटर लगने मात्र से उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं मिल जाती कि ऐप कहां से डाउनलोड करना है, उसमें कंज्यूमर नंबर कैसे जोड़ना है और खपत का हिसाब कहां देखना है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • जानकारी की कमी: कई लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उनके बिजली कनेक्शन के लिए कोई आधिकारिक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध है।

  • तकनीकी परेशानियां: ऐप डाउनलोड करना, रजिस्ट्रेशन करना, मीटर को कंज्यूमर नंबर से लिंक करना हर उपभोक्ता के लिए आसान नहीं होता। बुजुर्गों और डिजिटल तकनीक का कम उपयोग करने वालों को इसमें कठिनाई आती है।

  • पुराने तरीकों पर निर्भरता: कई लोग आज भी पारंपरिक तरीकों पर भरोसा करते हैं और बिल आने के बाद ही अपना खर्च देखते हैं या एसएमएस पर निर्भर रहते हैं।

💡 स्मार्ट मीटर ऐप इस्तेमाल करने के क्या बड़े फायदे हैं?

स्मार्ट मीटर ऐप का उपयोग करने से उपभोक्ताओं को कई बेहतरीन लाभ मिलते हैं:

  • खपत पर नजर: उपभोक्ता रियल-टाइम में अपनी बिजली की खपत देख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से बिजली के खर्च को कंट्रोल कर सकते हैं।

  • बैलेंस और रिचार्ज: प्रीपेड मीटर का बैलेंस चेक करने, समय पर रिचार्ज करने और कम बैलेंस होने पर तुरंत अलर्ट (Alert) पाने की सुविधा मिलती है।

⚠️ गलत बिजली बिल आने पर कहां और कैसे करें शिकायत?

यदि स्मार्ट मीटर लगने के बाद आपका बिजली बिल ज्यादा आया है या ऐप में दिखाई जा रही खपत में कोई अंतर है, तो आप इन चरणों के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं:

  1. बिजली वितरण कंपनी (DISCOM): अपने स्थानीय बिजली कार्यालय, कस्टमर केयर या ऑनलाइन माध्यम से संपर्क करें। शिकायत में कंज्यूमर नंबर, बिल की अवधि और समस्या का विवरण स्पष्ट दें तथा शिकायत नंबर जरूर सुरक्षित रखें।

  2. उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF): यदि बिजली कंपनी से समाधान न हो, तो आप संबंधित फोरम में शिकायत कर सकते हैं।

  3. इलेक्ट्रिसिटी ओम्बड्समैन: फोरम के फैसले से संतुष्ट न होने पर राज्य के ओम्बड्समैन के पास अपील की जा सकती है।

🛡️ बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां

  • लो-बैलेंस अलर्ट: ऐप और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले एसएमएस नोटिफिकेशन पर हमेशा ध्यान रखें।

  • समय पर रिचार्ज: बैलेंस कम होने पर बिजली कटने का इंतजार न करें, बल्कि समय से पहले रिचार्ज करें।

  • रसीद सुरक्षित रखें: ऑनलाइन भुगतान करने के बाद ट्रांजैक्शन आईडी और रसीद संभाल कर रखें, ताकि राशि कटने और अपडेट न होने पर मदद मिल सके।