फरीदकोट जिले में निजी कब्जे और मालिकाना हक वाले खाली पड़े प्लॉटों को लेकर जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट फरीदकोट राहुल चाबा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (Bharatiya Nagrik Suraksha Sanhita 2023) की धारा 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए एक अहम आदेश जारी किया है। इसके तहत फरीदकोट जिले की सीमा के भीतर खाली प्लॉटों में कचरा, गंदगी और सीवेज (गंदा पानी) जमा होने से फैलने वाली गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
🧹 प्लॉट मालिकों को खुद करानी होगी सफाई और बाउंड्री
जारी किए गए इन आधिकारिक आदेशों के अनुसार, शहर में जिन लोगों के भी खाली प्लॉट हैं, उनके मालिकों या कब्जाधारियों को अपने प्लॉट में जमा कचरे के ढेर, गंदगी और रुके हुए बारिश के पानी की सफाई अपने स्तर पर तुरंत करवानी होगी।
-
यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसी भी खाली प्लॉट के चारों ओर पक्की बाउंड्री वॉल (दीवार) या बाड़ (Fencing) बनाई जाए, ताकि उसमें कोई बाहर से कचरा न फेंक सके और पानी या कचरा जमा होने से रोका जा सके।
🦟 बीमारियों से बचाव के लिए 2 दिसंबर तक लागू रहेंगे आदेश
जिला मजिस्ट्रेट राहुल चाबा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शहर में अलग-अलग जगहों पर खाली पड़े प्लॉटों में कचरा, गंदगी और गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारियां फैलाने वाले मच्छर व अन्य नुकसानदायक जीव पैदा होते हैं। इस प्रकार की स्थितियां शहर के आम नागरिकों की सेहत के लिए एक गंभीर खतरा बन रही हैं। इन जानलेवा बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए खाली प्लॉटों की साफ-सफाई बेहद जरूरी है। प्रशासन द्वारा जारी किए गए ये सख्त आदेश आगामी 2 दिसंबर, 2026 तक पूरे जिले में लागू रहेंगे।