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Amritsar Breast Cancer Alert: पंजाब में कैंसर के बढ़ते आंकड़े चिंताजनक, अमृतसर में सामने आ रहे युवा मरीजों के मामले

पंजाब में कैंसर की बीमारी लगातार एक गंभीर और चिंता का विषय बनी हुई है, विशेषकर महिलाओं में ब्रैस्ट कैंसर (Breast Cancer) के बढ़ते मामले स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और जागरूकता अभियानों के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में ब्रैस्ट कैंसर के कारण हजारों मौतें और नए मामलों की पुष्टि हुई है, जो इस बीमारी की भयावहता को दर्शाते हैं। अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाली महिला मरीजों में भी ब्रैस्ट कैंसर का अनुपात काफी अधिक देखा जा रहा है, जहाँ 60 प्रतिशत तक मामले इसी बीमारी से जुड़े बताए जा रहे हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि यह बीमारी अब केवल अधिक उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि 22 वर्ष की कम उम्र की लड़कियों में भी इसके लक्षण सामने आ रहे हैं।

👩‍⚕️ हर 28 में से एक महिला को ब्रैस्ट कैंसर का खतरा : डॉ. मनीषा नागपाल

श्री गुरु रामदास अस्पताल की कम्युनिटी मेडिसिन की प्रोफेसर डॉ. मनीषा नागपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत में ब्रैस्ट कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला एक प्रमुख कैंसर है। देश में इसके सालाना लगभग 2.4 लाख नए मामले सामने आते हैं और कुछ अनुमानों के मुताबिक भारत में हर 28 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में ब्रैस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है। पंजाब में भी इसके हजारों नए मामलों का अनुमान है। यही वजह है कि केवल इलाज की सुविधाएं बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि महिलाओं को इसके लक्षणों और समय पर जांच के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर से एक विशेष मोटरसाइकिल रैली निकालने की योजना भी बनाई गई है, ताकि शुरुआती चरण में ही बीमारी की पहचान को बढ़ावा मिल सके।

⚠️ किन शुरुआती लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ब्रैस्ट कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो इलाज के सफल परिणाम मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए निम्नलिखित लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • सीने या स्तन में किसी प्रकार की गांठ (Lump) महसूस होना।

  • स्तन के आकार या रूप में अचानक कोई बदलाव दिखना।

  • त्वचा में खिंचाव या गड्ढे (डिमपल) पड़ना।

  • निप्पल का अंदर की तरफ मुड़ना या उससे किसी भी तरह का असामान्य रिसाव होना।

सिविल सर्जन डॉ. भारती धवन और सरकारी मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव देवगन ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में ब्रैस्ट कैंसर के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथैरेपी जैसी तमाम सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि किसी भी तरह का संदेहास्पद बदलाव महसूस होने पर घरेलू नुस्खों के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।