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Indore Spiritual Update: 81 साल बाद बना ऐसा अद्भुत योग, शहरभर में 1200 से अधिक स्वजन करेंगे पूर्वजों का तर्पण

अहिल्या की नगरी इंदौर में ज्ञात-अज्ञात पितरों के पूजन और मोक्ष के महापर्व सर्वपितृ अमावस्या पर 10 अक्टूबर को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक सामूहिक तर्पण अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार सूर्य और चंद्रमा दोनों के हस्त नक्षत्र में रहने से ‘गज छाया योग’ का दुर्लभ संयोग बना है, जिसने पितरों की विशेष कृपा प्राप्ति के योग को कई गुना बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, शनिवार के दिन अमावस्या आने से ‘सर्वपितृ-शनिश्चरी अमावस्या’ का अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन श्राद्ध, तीर्थ स्नान, गो सेवा और शनि पूजन का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

⏳ 81 वर्षों में 12 बार बना शनिश्चरी और गजछाया का मेल, कुतुर्प मुहूर्त में होगा तर्पण

ज्योतिर्विदों के अनुसार, इस बार तिथि के क्षय के चलते 16 की बजाए 15 दिवसीय श्राद्ध पक्ष की विदाई हो रही है। अमावस्या की शुरुआत 9 अक्टूबर को रात 9:35 बजे से 10 अक्टूबर को रात 9:19 बजे तक रहेगी, जबकि तर्पण का श्रेष्ठ ‘कुतुर्प मुहूर्त’ सुबह 11:45 से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, पिछले 81 वर्षों में शनिश्चरी और गजछाया का यह मेल केवल 12 बार ही बना है। स्कंद पुराण के अनुसार, इस योग में पितृ कर्म करने से पितरों को लंबे समय तक तृप्ति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

📍 शहर में यहाँ आयोजित होंगे प्रमुख सामूहिक तर्पण अनुष्ठान

श्रद्धा सुमन सेवा समिति के अध्यक्ष हरि अग्रवाल ने बताया कि इस बार विशेष उत्साह को देखते हुए तर्पण अनुष्ठान दो सत्रों में आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 1200 से अधिक लोग हिस्सा लेंगे। शहर के प्रमुख आयोजन स्थल इस प्रकार हैं:

  • परदेशीपुरा चौराहा: गेंदेश्वर शिव मंदिर (श्रमिक क्षेत्र) – सुबह 8 बजे से।

  • कैट रोड: हरिधाम लोग मंगल न्यास (पश्चिम क्षेत्र) – सुबह 8 बजे से।

  • पिलियाखाल: श्रद्धा सुमन सेवा समिति (बड़ा गणपति क्षेत्र) – सुबह 8 बजे से (दो सत्रों में)।

  • सुखलिया: भारत माता मंदिर के समीप (विजय नगर क्षेत्र) – सुबह 8 बजे से।

  • कृष्णापुरा छत्री: विश्व ब्राह्मण समाज संघ (राजवाड़ा क्षेत्र) – सुबह 8 बजे से।

  • फूटी कोठी: श्रीकृष्ण गोशाला परिसर (संस्था कामधेनु सेवा समिति) – सुबह 8 बजे से।

  • पंचकुइया: राम मंदिर (रामगोपालदास महाराज के सान्निध्य में) – सुबह से।