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Chhindwara Land Rights: प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित हैं WCL भूमि पर रहने वाले लोग, विधायक ने उठाई मांग

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के पेंच एरिया में पिछले 40 से 50 वर्षों से बंद पड़ी खदानों की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हजारों लोगों को आज तक जमीन का पट्टा (मालिकाना हक) नहीं मिल पाया है। इस कारण इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य केंद्रीय व राज्य योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर परासिया और कोयलांचल क्षेत्र से हजारों की संख्या में नागरिक छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

📝 नियमित टैक्स चुकाने के बावजूद हक से वंचित, कोयलांचल रक्षा मंच ने उठाई आवाज

कोयलांचल रक्षा मंच के संयोजक राजकुमार सिंह ने बताया कि परासिया क्षेत्र में दशकों से निवास कर रहे ये परिवार स्थानीय निकायों को नियमित रूप से टैक्स चुका रहे हैं, फिर भी इन्हें कानूनी रूप से भूमि का पट्टा नहीं दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को बताया कि WCL की इस भूमि पर पुरानी रेल लाइन के आसपास एक बड़ी आबादी बस चुकी है। खदानें बंद हुए चार दशक से अधिक हो चुके हैं, लेकिन कागजों में मालिकाना हक न मिलने के कारण इन गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

⚠️ पहले मिला था खाली करने का नोटिस, अब जनप्रतिनिधियों ने भी समर्थन में उठाई आवाज

स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक साल पहले WCL प्रशासन ने इस जमीन को खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किया था। मूल रूप से ये मकान खदानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बनाए गए थे, जिनमें से कई अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय विधायक सोहन वाल्मीकि ने भी समर्थन जताते हुए कहा है कि जब खदानें लंबे समय से बंद हैं, तो वहां बरसों से रह रहे नागरिकों को पट्टा मिलना ही चाहिए। इस संबंध में विधानसभा में भी आवाज उठाई जा चुकी है।