PM Modi 25 Years Journey: विकास, डिजिटल बुनियादी ढांचा और राष्ट्र निर्माण, जानिए क्या बोले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर
केंद्रीय मंत्री (विद्युत और आवास एवं शहरी मामलों) मनोहर लाल खट्टर ने अपने एक लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर विस्तृत विचार रखे हैं। उन्होंने लिखा है कि 7 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन का यह पड़ाव एक चौथाई सदी पूरा कर रहा है, जिसकी शुरुआत 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से हुई थी और 2014 में देश के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ी। यह उपलब्धि केवल लंबी अवधि के कारण ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसलिए भी अहम है क्योंकि इस दौर में भारत ने आर्थिक, तकनीकी, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखे हैं।
📱 डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और वित्तीय समावेशन
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डिजिटल इंडिया की क्रांति: 2015 में शुरू किए गए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जिससे पहचान, बैंकिंग और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सेवाएं बड़े पैमाने पर संचालित हुईं। देश में करोड़ों आधार कार्ड और जन धन खातों का विस्तार हुआ है।
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यूपीआई (UPI) का विस्तार: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रतीक बना है। करोड़ों-अरबों की संख्या में डिजिटल लेन-देन ने छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और उपभोक्ताओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ा है, और इसका विस्तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुआ है।
🛣️ बुनियादी ढांचा, विनिर्माण और सामाजिक कल्याण
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पूंजीगत व्यय और कनेक्टिविटी: पिछले 12 वर्षों में भारत ने सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और शहरी परिवहन में निवेश को तीव्र किया है। रेलवे के भारी विद्युतीकरण और मेट्रो नेटवर्क के अभूतपूर्व विस्तार ने कनेक्टिविटी को नई गति दी है।
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मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भरता: ‘मेक इन इंडिया’, पीएलआई (PLI) योजनाओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के माध्यम से घरेलू विनिर्माण क्षमता को बढ़ाया गया है, जिससे भारत एक बड़े उपभोक्ता बाजार से आगे बढ़कर प्रमुख उत्पादक और निर्यातक के रूप में स्थापित हो रहा है।
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प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT): जन धन, आधार और मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचा है, जिससे करोड़ों लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
🇮🇳 वैश्विक उपस्थिति और हरियाणा का विकास
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ग्लोबल साउथ की आवाज: G20 की सफल अध्यक्षता और अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर व एआई (AI) जैसे क्षेत्रों में भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं ने देश को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाई है।
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हरियाणा के लिए सौगातें: प्रधानमंत्री के इस कार्यकाल के दौरान हरियाणा को भी गुरुग्राम मेट्रो, एम्स रेवाड़ी, द्वारका एक्सप्रेसवे और जींद-सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन जैसी कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं मिली हैं, जिससे राज्य का आर्थिक विकास और मजबूत हुआ है।
लेख के अंत में यह रेखांकित किया गया है कि 2047 के ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिए आज की इन तकनीकी और बुनियादी क्षमताओं को देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार का माध्यम बनाना ही इस यात्रा का असली उद्देश्य है।