Chhattisgarh SIR Voter List: 25 लाख नाम हटने पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने की दोबारा सुनवाई की मांग
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। प्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने SIR के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने और सफाई देने का एक और निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।
📊 2023 के चुनाव अंतर से चार गुना अधिक कटे नाम: 19 लाख से ज्यादा मतदाताओं को बताया गया ‘Absent/Shifted’
मोहम्मद अकबर ने आंकड़े सामने रखते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ में SIR के बाद लगभग 24 लाख 99 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस और भाजपा के बीच मत प्रतिशत का अंतर मात्र 4.04 प्रतिशत था, जबकि कटे हुए नामों की संख्या हार-जीत के अंतर से लगभग चार गुना अधिक है। इनमें से करीब 19 लाख 13 हजार मतदाताओं को ‘Absent/Shifted’ श्रेणी में रखकर हटाया गया है।
⚖️ पारदर्शिता और निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल: कटे हुए नामों की दोबारा सुनवाई की पुरजोर मांग
पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया है कि क्या अनुपस्थित या अन्य जगहों पर शिफ्ट मानकर हटाए गए इन मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका मिला था? उन्होंने कहा कि जब तक मतदाता सूची से हटाए गए सभी नामों के संबंध में उचित प्रक्रिया और पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आगामी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर संदेह बना रहेगा। इस बयान के बाद राज्य में चुनावी राजनीति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।