Raipur Central Jail News: कैदियों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर नया आदेश जारी, पुलिस अधीक्षक से करना होगा समन्वय
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन और आरोपी टामन सिंह सोनवानी के इलाज के दौरान अस्पताल से वायरल हुए वीडियो के बाद राज्य का जेल प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। वीडियो में बिना हथकड़ी के परिजनों के साथ आराम से बातचीत करते नजर आने के मामले में जेल प्रशासन ने पहले ही तीन प्रहरियों को बर्खास्त कर दिया था। अब भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए जेल मुख्यालय ने बंदियों की सुरक्षा और निगरानी के नियमों में कड़े बदलाव किए हैं।
📹 अब बाहर जाने वाले कैदियों पर रहेगी पैनी नजर: सुरक्षा कर्मियों को पहनना होगा बॉडी वार्न कैमरा
जेल डीजीपी हिमांशु गुप्ता द्वारा 1 अक्टूबर को जारी नए आदेश के मुताबिक, अब किसी भी बंदी को इलाज, कोर्ट या प्रशासनिक काम के लिए जेल से बाहर ले जाने पर कड़े प्रावधानों का पालन करना होगा। नए नियमों के तहत सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जेल कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से बॉडी वार्न कैमरा पहनना होगा, जिससे बंदी को बाहर ले जाने से लेकर वापस जेल लौटने तक की हर गतिविधि रिकॉर्ड हो सकेगी। इसके अलावा, बंदियों को बाहर ले जाते समय सुरक्षा बलों के साथ उपलब्धता के आधार पर सहायक जेल अधीक्षक या किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी भी अनिवार्य कर दी गई है।
🤝 पुलिस अधीक्षक से समन्वय और संयुक्त रणनीति: सभी जेल अधीक्षकों को सख्ती से पालन करने के निर्देश
नए आदेश के अनुसार, जिन मामलों में बंदियों को बाहर ले जाया जाएगा, उनमें जेल अधीक्षकों को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) से भी अनिवार्य रूप से समन्वय करना होगा। दोनों विभाग आपसी चर्चा के बाद बंदी की सुरक्षा और पुख्ता व्यवस्था तय करेंगे। जेल मुख्यालय के इस आदेश की एक प्रति छत्तीसगढ़ के डीजीपी को भी भेजी गई है और प्रदेश के सभी जेल अधीक्षकों को इन निर्देशों का पूरी सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।