Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai Delhi Tour: बस्तर विकास और पानी के समुचित प्रबंधन पर हो रही है चर्चा, जल्द समाधान निकलने की उम्मीद
अर्नब साइक्लोन और डीप डिप्रेशन के कारण हुई मूसलाधार बारिश ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के महानदी बेसिन के इलाकों में गंभीर बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। लगातार बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। हालांकि अभी नुकसान का पूर्ण आकलन सामने नहीं आया है, लेकिन किसानों की बड़ी फसलें नष्ट होने से भारी क्षति हुई है। दोनों राज्यों में आई इस प्राकृतिक आपदा और नुकसान से निपटने के साथ-साथ महानदी जल विवाद, पानी के समुचित प्रबंधन और बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास की रणनीति पर चर्चा के लिए आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक अति महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हो रहे हैं।
✈️ दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महानदी जल विवाद के स्थायी समाधान को लेकर तेज हुई हलचल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। बैठक से पहले महानदी जल विवाद के संबंध में मुख्यमंत्री ने संकेत दिए थे कि इस पुराने मामले का समाधान जल्द ही निकाला जाएगा और केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर इस पर लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। आज होने वाली इस बैठक को दोनों पड़ोसी राज्यों के आपसी संबंधों और जल बंटवारे के लिहाज से बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
🤝 पिछले दौर की चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए 1 अक्टूबर को बुलाई गई बैठक, दोनों राज्यों में डबल इंजन सरकार से जगी उम्मीद
इससे पहले 30 जुलाई 2026 को भी केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक दिल्ली में हो चुकी है, जिसमें इस विवाद के जल्द निपटारे पर सहमति बनी थी। इसके बाद 20 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के सीएम साय ने अपने ओडिशा दौरे के दौरान सीएम मोहन चरण माझी से विशेष मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि अब समाधान की दिशा में बेहद सकारात्मक माहौल बना है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार होने के कारण आपसी संवाद और सहयोग से इस दीर्घकालिक समस्या का संतोषजनक हल निकलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।