ब्रेकिंग
Bhiwani Crime News: रेंज रोवर गाड़ी पर गोलीबारी के मामले में पुलिस का एक्शन, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रह... Sewa Sankalp Abhiyan Bhiwani: भिवानी की गोशालाओं में पशु स्वास्थ्य कैंप और हवन का आयोजन, लंपी बीमारी... Mayor Shyam Lal Bansal Panchkula: निगम कार्यालयों की नई बिल्डिंग और ट्रांसफर हुए 9 सेक्टर, सीएम सैनी... Haryana Urban Development: पंचकूला में सीवर सिस्टम और जल निकासी होगी दुरुस्त, सेक्टर-32 में बनेगा वर... PGT Computer Science Result Stay: एनसीटीई नियमों की अनदेखी का मामला, 12 अगस्त को घोषित परिणाम पर रोक Yamunanagar Firing Case: यमुनानगर में हाइड्रा और क्रेन ऑफिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग, एक शख्स की मौत और ... DU DUSU Election 2026 Counting News: डूसू चुनाव में वीडियोग्राफी के बीच वोटों की गिनती जारी; विजय जु... Inspirational Story: गाजियाबाद का घरौंदा बाल आश्रम बना मिसाल; 100 बच्चे जा चुके विदेश, 1000 को मिला ... Yuvraj Manchanda Case: शादी की शॉपिंग के बाद लापता हुए युवराज का नाले में मिला शव; करोड़ों के पैसों ... Delhi Moti Nagar News: मोती नगर में सिलेंडर धमाके से ढहा ग्राउंड फ्लोर; दमकल की गाड़ियों ने पाया आग ...

Syrian Politics Update: बशर अल-असद के जाने के बाद नई संसद का ऐतिहासिक कदम; काउंटर-टेररिज्म कोर्ट को किया भंग

सीरिया की नई संसद (Peoples Assembly) ने बुधवार को सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक विधेयक पारित किया। इस कानून के तहत पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासनकाल की बहुचर्चित और विवादित ‘आतंकवाद अदालत’ (Counter-Terrorism Court) को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब इस अदालत का कोई कानूनी अस्तित्व नहीं रहेगा। इसके साथ ही, अतीत में इस अदालत द्वारा दिए गए सभी फैसलों के कानूनी असर को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है।

📺 2012 में बनी अदालत का औपचारिक अंत: असद शासन में हजारों नागरिकों पर चलाए गए थे मुकदमे

सरकारी टीवी चैनल ‘अल-एखबारिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को हुई वोटिंग के जरिए इस दमनकारी अदालत को खत्म करने की कानूनी प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया गया।

साल 2012 में गठित की गई इस ‘काउंटर-टेररिज्म कोर्ट’ का इस्तेमाल असद सरकार द्वारा राजनीतिक विरोधियों और हजारों सीरियाई नागरिकों पर “आतंकवाद” से जुड़े संदिग्ध आरोपों के तहत मुकदमा चलाने और उन्हें सजा देने के लिए किया जाता था।

⚖️ राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने 67 जजों को किया था बर्खास्त: असद के जाने के बाद बनी है नई संसद

बुधवार को हुआ यह मतदान असद शासन के पतन के बाद गठित पहली सीरियाई संसद के शुरुआती सत्रों में हुआ है, जिसकी पहली बैठक जुलाई में हुई थी।

इससे पहले जून 2025 में, राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने एक विशेष अध्यादेश जारी कर इस अदालत में काम कर चुके 67 जजों को उनके पदों से बर्खास्त कर दिया था। मार्च 2025 में अपनाए गए सीरिया के नए संवैधानिक घोषणापत्र में भी स्पष्ट किया गया था कि इस अदालत के अन्यायपूर्ण फैसलों को निरस्त किया जाएगा और असद शासन में जब्त की गई निर्दोषों की संपत्तियों को वापस लौटाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र (UN) की मानवाधिकार समिति ने 2024 की रिपोर्ट में कहा था कि इस अदालत में निष्पक्ष सुनवाई का अभाव था और लोगों को बिना वजह हिरासत व यातनाएं दी जाती थीं।

🕊️ 53 साल लंबे तानाशाही शासन का अंत: क्रूर पुलिस-राज्य के खात्मे के बाद नई शुरुआत

यह फैसला सीरियाई असेंबली द्वारा अपने शुरुआती सत्रों में नियमावली और समितियां गठित करने के बाद लिए गए प्रमुख विधायी फैसलों में से एक है।

उल्लेखनीय है कि अल-असद परिवार का 53 साल लंबा तानाशाही शासन 8 दिसंबर, 2024 को महज 11 दिनों के भीतर हुए एक बड़े सैन्य उलटफेर के बाद खत्म हो गया था। इसके साथ ही सीरिया में दशकों से जारी उस क्रूर पुलिस-राज्य का भी अंत हो गया, जो नागरिकों के अचानक गायब होने और जेलों में यातनाएं दिए जाने के लिए जाना जाता था।