PGT Computer Science Result Stay: एनसीटीई नियमों की अनदेखी का मामला, 12 अगस्त को घोषित परिणाम पर रोक
पंचकूला: हरियाणा में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) कंप्यूटर साइंस की भर्ती प्रक्रिया को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए 12 अगस्त को घोषित अंतिम परिणाम पर रोक लगा दी है. अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले में आगामी आदेश आने तक इस परिणाम के आधार पर न तो कोई नियुक्ति की जाएगी और न ही कोई अन्य कार्यवाही होगी. जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने इस मामले में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, और अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की गई है.
👨🎓 2. याचिकाकर्ताओं की दलील: एनसीटीई विनियम 2014 के विपरीत साल 2012 के पुराने नियमों के आधार पर मांगे गए थे आवेदन
अदालत में दाखिल याचिका के माध्यम से दलील दी गई है कि एनसीटीई (NCTE) विनियम 2014 के अनुसार सीनियर सेकेंडरी या इंटरमीडिएट स्तर पर पीजीटी शिक्षक बनने के लिए न्यूनतम 50% अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) और बीएड होना अनिवार्य है. हालांकि, हरियाणा राज्य स्कूल शिक्षा काडर ग्रुप-बी सेवा नियम, 2012 में पीजीटी कंप्यूटर साइंस के लिए पीजी की अनिवार्य शर्त नहीं रखी गई थी. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि 5 फरवरी को जारी विज्ञापन संख्या 23/2026 में राज्य सरकार ने एनसीटीई के तय मानकों की अनदेखी कर पुराने नियमों के तहत ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई.
🛑 3. विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के बावजूद नियमों में बदलाव किए बिना आगे बढ़ाई गई भर्ती प्रक्रिया, 19 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी बताया गया कि एक विशेषज्ञ समिति ने भी पीजीटी कंप्यूटर साइंस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने की स्पष्ट सिफारिश की थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने नियमों में आवश्यक संशोधन किए बिना ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया. अदालत के इस अंतरिम आदेश के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों और याचिकाकर्ताओं की निगाहें 19 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई हैं.