ब्रेकिंग
अमरकंटक यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में सनसनीखेज घटना: बीसीए की छात्रा ने उठाया आत्मघाती कदम जातिगत जनगणना के प्रारूप पर कांग्रेस का बड़ा हमला: नाना पटोले ने बताया पूरी तरह दोषपूर्ण धमतरी में चंगाई सभा को लेकर भारी बवाल, ASP डीसी पटेल ने संभाला मोर्चा; दोनों पक्षों से पूछताछ जारी रीवा के संजय गांधी अस्पताल की बड़ी लापरवाही: जिंदा मरीज को घोषित किया मृत, शव सुपुर्द करते ही चलने ल... Morena Heavy Rain: मुरैना में फूटा भैंसोरा तालाब, सैकड़ों बीघा फसलें डूबीं; रीझौनी पुल पर चढ़ा सोन न... Gwalior Love Story: बिना मोबाइल 5 ट्रेनें बदलकर 1020 KM दूर प्रेमी के पास ग्वालियर पहुंची झारखंड की ... Chhatarpur District Hospital: खून न मिलने से आदिवासी प्रसूता और नवजात की मौत, अस्पताल प्रशासन पर गंभ... Shahdol Tiger Poaching: बाघों का अंतरराष्ट्रीय शिकारी शेरू पारधी शहडोल से गिरफ्तार, चीन और म्यांमार ... Sagar Hooch Tragedy: बंडा में जहरीली शराब से कोहराम, अब तक 16 की मौत की आशंका; कांग्रेस ने जाम किया ... Bittu Tabahi Ajnar River: आनंद महिंद्रा और CM मोहन यादव ने की तारीफ, अब अजनार बचाओ समिति ने खोला मोर...

Morena Heavy Rain: मुरैना में फूटा भैंसोरा तालाब, सैकड़ों बीघा फसलें डूबीं; रीझौनी पुल पर चढ़ा सोन नदी का पानी

मुरैना (मध्य प्रदेश): जिले के जौरा और कैलारस अंचल में लगातार दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

पगारा बांध में पानी की आवक इतनी तेज रही कि जलस्तर अपनी पूर्ण भराव क्षमता 656 फीट को पार कर 658 फीट पर पहुंच गया। पानी का अत्यधिक दबाव बनते ही बांध के सभी छह ऑटोमेटिक गेट अपने आप खुल गए। इस मानसूनी सीजन में पहली बार बांध के सभी गेट एक साथ खुले हैं, जिससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।

गेट खुलते ही आसन नदी उफान पर आ गई है। डाउनस्ट्रीम और नदी तटीय क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन ने 32 गांवों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

🌧️ सोन और कुंवारी नदियां भी उफान पर: कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

जलभराव और नदियों की वर्तमान स्थिति:

  • नदियों का रौद्र रूप: तेज बारिश के चलते आसन नदी के साथ-साथ सोन और कुंवारी नदियों का जलस्तर भी निरंतर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है।

  • प्रभावित गांव: जौरा क्षेत्र के बिश्नौरी, जौनारा, अगरोता, परसोटा, निमांस और सिकरौदा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे कई मकान पानी से घिर गए हैं।

  • सोन नदी की आवक: श्योपुर, विजयपुर और पहाड़गढ़ के जंगलों में हो रही भारी वर्षा का पानी सोन नदी के माध्यम से सीधे पगारा जलाशय में पहुंच रहा है।

🚤 15 ग्रामीणों का सुरक्षित रेस्क्यू: राहत शिविरों में पहुंचाए गए प्रभावित लोग

प्रशासनिक राहत एवं बचाव कार्य:

  • सफल रेस्क्यू ऑपरेशन: सोन नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच निमांस, जौनारा, सिकरौदा और बिश्नौरी गांवों में फंसे 15 ग्रामीणों को राहत टीमों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।

  • अस्थायी आश्रय: सभी विस्थापित ग्रामीणों को निमांस स्थित शासकीय हाईस्कूल में बनाए गए अस्थायी राहत केंद्र में ठहराया गया है।

  • अधिकारी मौके पर तैनात: जौरा एसडीएम शुभम शर्मा, एसडीओपी नितिन बघेल तथा जल संसाधन विभाग के तकनीकी अधिकारी बांध और संवेदनशील गांवों पर 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं।

⚠️ 3 साल में दूसरी बार फूटा भैंसोरा तालाब: 200 बीघा फसलें जलमग्न

निर्माण गुणवत्ता पर सवाल और किसानों का नुकसान:

  • तालाब फूटा: कैलारस क्षेत्र के भैंसोरा गांव का विशाल तालाब पानी का दबाव नहीं झेल सका और उसकी पाल टूट गई।

  • फसलों को भारी नुकसान: तालाब फूटने से बहा पानी खेतों में भर गया है, जिससे किसानों की लगभग 100 से 200 बीघा जमीन में खड़ी फसल डूबकर बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है।

  • सड़क पर तेज बहाव: भैंसोरा से परसोटा मार्ग पर 3 से 4 फीट तक पानी की तेज धार बह रही है, जहां जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

🌉 3.5 करोड़ की लागत से बना रीझौनी पुल डूबा: 16 गांवों का संपर्क टूटा

हाल ही में लोकार्पित पुल पर उठे सवाल:

  • संपर्क कटा: सोन नदी पर बने नए रीझौनी पुल के ऊपर 2 से 3 फीट पानी बहने के कारण शनिवार को 16 गांवों का संपर्क कैलारस तहसील मुख्यालय से पूरी तरह कट गया।

  • गुणवत्ता पर आक्रोश: इस पुल का लोकार्पण 15 जुलाई 2026 को ही करीब 3.50 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। ग्रामीणों ने पुल की ऊंचाई कम रखने और निर्माण गुणवत्ता को लेकर तकनीकी जांच की मांग उठाई है।

  • बागचीनी रपटा बंद: बागचीनी क्षेत्र में रपटे के ऊपर से पानी बहने के चलते पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है और लोगों से उफनते जलस्रोतों से दूर रहने की अपील की है।