Shahdol Tiger Poaching: बाघों का अंतरराष्ट्रीय शिकारी शेरू पारधी शहडोल से गिरफ्तार, चीन और म्यांमार तक फैले थे तस्करी के तार
शहडोल (मध्य प्रदेश): बाघों के अवैध शिकार और उनके अंगों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (MP STSF) की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर ने करारा प्रहार किया है।
लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात शिकारी शेरू पारधी को शहडोल जिले के ब्यौहारी से गिरफ्तार कर लिया गया है। शेरू पारधी की गिरफ्तारी को वन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि उसके तार बाघ की खाल और हड्डियों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट से सीधे जुड़े हुए हैं। देश के कई राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियां वर्षों से उसकी तलाश में जुटी थीं।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में बाघ का शिकार करने और उसके अंगों को विदेशों में सप्लाई करने के मामले की विवेचना STSF जबलपुर द्वारा की जा रही थी। डेढ़ साल से चकमा दे रहे इस इनामी शिकारी को धर दबोचने से तस्करी सिंडिकेट के कई बड़े राज खुलने की संभावना है।
🌍 5 राज्यों से 8 आरोपी गिरफ्तार: चीन और म्यांमार तक पहुंचा था सिंडिकेट का जाल
तस्करी नेटवर्क और जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य:
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अंतरराज्यीय गिरफ्तारी: इस संगठित मामले में अब तक 5 राज्यों—मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और मेघालय से कुल 8 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
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सक्रिय शिकारी नेटवर्क: जांच में खुलासा हुआ कि होशियारपुर (पंजाब), सोनीपत (हरियाणा), बद्दी (हिमाचल) और कटनी (मध्य प्रदेश) के पेशेवर शिकारी जंगलों में बाघों को निशाना बनाने में माहिर थे।
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कई राज्यों में शिकार: इस गिरोह ने वर्ष 2024-25 के दौरान महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के घने जंगलों में बाघों का बड़े पैमाने पर शिकार किया।
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विदेशों में सप्लाई: बाघों की हड्डियों और अन्य अंगों को असम, मेघालय और मिजोरम के तस्करों के जरिए म्यांमार स्थित मास्टरमाइंड को भेजा जाता था, जहां से इसे आगे चीन और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के अवैध बाजारों में खपाया जाता था।
🕸️ ब्यौहारी में ऐसे बिछाया गया जाल: पत्नी समेत पकड़ा गया आरोपी
सटीक खुफिया इनपुट और ऑपरेशन की रूपरेखा:
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मुखबिर से मिला सुराग: फरार शेरू पारधी की गतिविधियों का सुराग मिलते ही STSF ने विशेष खुफिया तंत्र सक्रिय किया और 4 सितंबर को शहडोल के इलाकों में विशेष टीमें रवाना कीं।
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पत्नी भी सह-आरोपी: पुलिस ने ब्यौहारी से शेरू पारधी उर्फ शेरू सिंह (निवासी कटनी) और उसकी पत्नी बिनौरी बाई को दबोच लिया। बिनौरी बाई को भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है।
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हथियार और जाल बरामद: दोनों आरोपी किसी नए वन्यजीव का शिकार करने की फिराक में थे। उनके कब्जे से धारदार छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी और पक्षियों को फंसाने वाला जाल बरामद किया गया है।
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5 दिन की रिमांड: 5 सितंबर को दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय जबलपुर में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 5 दिन की वन विभाग की कस्टडी (फॉरेस्ट रिमांड) में भेज दिया है।
🌲 डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे का बयान: ‘धनपुरी, बुढ़ार से ब्यौहारी तक 3 दिन की गई रेकी’
अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष और साझा रणनीति:
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जबलपुर और स्थानीय टीम का समन्वय: वन मंडल अधिकारी (DFO) श्रद्धा पेंद्रे ने बताया कि भोपाल स्थित टाइगर स्ट्राइक फोर्स की जबलपुर यूनिट इस केस की मुख्य जांच कर रही थी।
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लोकेशन ट्रेसिंग: आरोपी की लोकेशन शहडोल के धनपुरी और बुढ़ार क्षेत्र में मिलने के बाद जबलपुर की टीम ने स्थानीय बुढ़ार वन परिक्षेत्र के स्टाफ के साथ मिलकर साझा ऑपरेशन शुरू किया।
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घेराबंदी कर गिरफ्तारी: दो से तीन दिनों तक सुनियोजित तरीके से रेकी करने के बाद जैसे ही आरोपी ब्यौहारी की सीमा में दाखिल हुआ, टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
⚖️ कौन है शेरू पारधी? अजीत पारधी का भाई और अंतरराज्यीय भगोड़ा
आपराधिक पृष्ठभूमि और पुराने वन अपराध:
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कुख्यात परिवार से संबंध: शेरू पारधी देश के सबसे कुख्यात बाघ शिकारियों में शुमार अजीत पारधी का सगा भाई है, जो अपने पूरे गिरोह के साथ जंगलों में अवैध शिकार को अंजाम देता है।
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सीबीआई जांच का सामना: शेरू पारधी के खिलाफ कर्नाटक में वर्ष 2002 तथा महाराष्ट्र में वर्ष 2013 में दो बड़े वन्यजीव अपराध दर्ज हैं, जिनमें से एक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही थी।
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महाराष्ट्र से फरार घोषित: महाराष्ट्र वन विभाग ने उसे लंबे समय से भगोड़ा घोषित कर रखा था। वर्तमान में एसटीएसएफ रिमांड के दौरान उससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, बैंक खातों और सिंडिकेट के अन्य सहयोगियों के बारे में सघन पूछताछ कर रही है।