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चित्रकूट में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा: मंदाकिनी नदी का जलस्तर 137 मीटर पार, सतना में 1043 मिमी बारिश दर्ज

सतना (मध्य प्रदेश): चित्रकूट अभी हाल ही में आई सदी की सबसे विनाशकारी बाढ़ की त्रासदी से संभल भी नहीं पाया था कि रविवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर स्थानीय नागरिकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

पवित्र मंदाकिनी नदी का जलस्तर आरोग्य धाम के समीप सोमवार सुबह 137.05 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें लगातार वृद्धि देखी जा रही है। नदी के पुनः बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही वर्षा ने बाढ़ प्रभावित बस्तियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और भय दोनों को दोगुना कर दिया है।

बीते शनिवार को मंदाकिनी में आई बाढ़ ने चित्रकूट क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई थी। जलस्तर कम होने के बाद लोग अपने जलमग्न घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को व्यवस्थित करने में जुटे ही थे कि दोबारा शुरू हुई बारिश ने पुनर्वास के कार्यों पर पानी फेर दिया है।

🍲 प्रभावित बस्तियों में भोजन और पीने के पानी का भारी संकट: राहत कार्यों पर सवाल

जमीनी हालात और बुनियादी समस्याएं:

  • राशन व पेयजल की किल्लत: बाढ़ के बाद तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने भोजन, सुरक्षित पेयजल और सूखे कपड़ों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

  • मदद की बाट जोहते परिवार: बेघर और प्रभावित परिवार सरकारी राहत व नागरिक सुरक्षा दलों से तत्काल सहायता की आस लगाए बैठे हैं।

  • प्रशासनिक सुस्ती का आरोप: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री के हालिया चित्रकूट दौरे के बावजूद जमीनी स्तर पर राहत, पुनर्वास और आवश्यक आपूर्ति वितरण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं दिख रही है।

🌧️ सतना जिले में 1043.5 मिमी औसत बारिश: सामान्य कोटे से 151 मिमी अधिक पानी बरसा

वर्षा के आधिकारिक आंकड़े और तहसीलवार स्थिति:

  • जिले में कुल बारिश: भू-अभिलेख विभाग के अनुसार 1 जून से 31 अगस्त तक सतना जिले में कुल औसत वर्षा 1043.5 मिमी दर्ज की जा चुकी है, जो जिले की सामान्य औसत वर्षा (891.7 मिमी) से 151.8 मिमी अधिक है।

  • 24 घंटे के आंकड़े: सोमवार सुबह 8 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में जिले में 23.8 मिमी औसत बारिश हुई।

  • तहसीलवार वर्षा की स्थिति: सोहावल में 37 मिमी, बिरसिंहपुर में 35 मिमी, रामपुर बाघेलान में 27.6 मिमी, बरौंधा में 27 मिमी और सतना शहर में 24.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।

🚨 कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन टीम को किया हाई अलर्ट: लगातार निगरानी के निर्देश

प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षात्मक कदम:

  • अधिकारियों को अलर्ट: लगातार जारी भारी वर्षा और मंदाकिनी के उफान को देखते हुए सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व अमले और नगर निगम को 24 घंटे हाई अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।

  • निगरानी दल तैनात: घाटों और संवेदनशील निचले इलाकों में सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके।