‘CJP संस्थापक कोई संत नहीं, उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं’: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले सोनम वांगचुक
नई दिल्ली: प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने एक हालिया पॉडकास्ट साक्षात्कार में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापकों और उनके कार्यप्रणाली को लेकर खुलकर बात की है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपने व्यक्तिगत अनुभव और आकलन का हवाला देते हुए वांगचुक ने कहा कि CJP के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं में स्पष्ट राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं।
उन्होंने कहा कि वह CJP के संस्थापकों को बिना किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक लक्ष्य वाला “संत” नहीं मानते। वांगचुक के अनुसार, वह युवाओं को किसी भी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल होने अथवा अपना स्वतंत्र राजनीतिक दल गठित करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करेंगे।
🔍 ‘मैंने उन्हें करीब से देखा है, राजनीति में आना गलत नहीं’: वांगचुक का आकलन
संस्थापकों की महत्वाकांक्षा पर सोनम वांगचुक का पक्ष:
-
व्यक्तिगत आकलन: वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यद्यपि CJP के नेताओं ने सीधे तौर पर उनसे कभी यह बात नहीं कही, परंतु साथ काम करने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि वे राजनीति में आगे बढ़ना चाहते हैं।
-
महत्वाकांक्षा में कोई बुराई नहीं: उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं और इसमें कुछ भी अनुचित या गलत नहीं है। वे ऐसे संत नहीं हैं जो किसी भी परिणाम की इच्छा न रखते हों।”
-
सकारात्मक दृष्टिकोण: वांगचुक का मानना है कि शिक्षित और जागरूक युवाओं का सक्रिय राजनीति में आना एक स्वाभाविक और सकारात्मक प्रक्रिया है।
🤝 ‘पहले किसी दल से जुड़े होने में कोई हर्ज नहीं’: आलोचनाओं पर दिया जवाब
अभिजीत दिपके और पूर्व राजनीतिक पृष्ठभूमि पर रुख:
-
आलोचनाओं का खंडन: छात्र आंदोलन में शामिल होने के दौरान वांगचुक को इस बात को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी थी कि CJP के प्रमुख संस्थापक अभिजीत दिपके पूर्व में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े रहे हैं।
-
स्पष्ट रुख: वांगचुक ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का अतीत में किसी राजनीतिक विचारधारा या पार्टी से जुड़ा होना कोई अपराध नहीं है और इससे उनके काम पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
📚 ‘छात्र आंदोलन को पार्टी पॉलिटिक्स से रखें दूर’: धर्मेंद्र प्रधान विरोधी प्रदर्शन का प्रसंग
छात्र आंदोलन और राजनीतिक एजेंडे में संतुलन:
-
संयुक्त आंदोलन: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग को लेकर चले लगभग दो महीने लंबे छात्र आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाई थी।
-
दी गई नसीहत: वांगचुक ने बताया कि उन्होंने आंदोलन के दौरान CJP के संस्थापकों से स्पष्ट कह दिया था कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं भविष्य में पूरी कर सकते हैं, परंतु छात्र हितों के इस मंच को किसी भी दल के राजनीतिक एजेंडे से पूरी तरह मुक्त रखना अनिवार्य है।
-
सहमति पर संतोष: उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि आयोजकों ने उनकी इस सलाह का सम्मान किया और आंदोलन के मूल स्वरूप को राजनीति से दूर बनाए रखा।