ब्रेकिंग
राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें: हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद में FIR, वाल्मीकि समाज ने लग... रायपुर में बदला मौसम का मिजाज: 98% पहुंची आर्द्रता, सड़कों पर जलभराव से जनजीवन प्रभावित; मौसम विभाग ... रायपुर में अपराधियों पर नजर रखने वाले ITMS कैमरे ठप: 100 से ज्यादा बंद, धुंधली फुटेज से पुलिस परेशान नेपाल में भीषण बाढ़-तबाही से बचकर रायपुर लौटे 5 दोस्त: 'चाय के 10 मिनट के ब्रेक' ने बचाई जान, स्टेशन... बस्तर में विकास की रफ्तार पकड़ेगी: केंद्र ने दी DMF नियमों में बड़ी छूट, 15-25 KM की बाध्यता खत्म छत्तीसगढ़ में बिजली निजीकरण पर CM विष्णु देव साय का बड़ा बयान: 'सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं, कांग्रेस... छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक कदम: FIR से फैसले तक जेंडर जस्टिस आधारित भाषा का होगा इस्तेमाल रायपुर के अश्वनी नगर में युवक की चाकू मारकर हत्या: भाग रहे 4 नाबालिग हिरासत में, बिलासपुर स्टेशन से ... रतनपुर महामाया मंदिर में विहिप और बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन: मारपीट मामले में ट्रस्ट को सौंपा ज्ञापन... मानसून में शबाब पर कांकेर का मलाजकुडूम जलप्रपात: 3 चरणों में गिरती दूध नदी की धाराएं मोह रहीं सैलानि...

चॉकलेट का लालच देकर सीढ़ियों के नीचे ले जाता था ड्राइवर; बवाना के निजी स्कूल में बच्ची से दरिंदगी, आरोपी विकास अरेस्ट

दिल्ली: बाहरी उत्तरी दिल्ली के बवाना इलाके स्थित एक निजी स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली महज तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण का रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है।

इस जघन्य वारदात का आरोप स्कूल बस के ड्राइवर विकास पर लगा है। शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली है कि आरोपी पिछले लगभग आठ महीनों से स्कूल में बस चलाने का कार्य कर रहा था। पुलिस ने स्कूल परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और आरोपी का मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

🔍 चोट के निशान से हुआ खुलासा: बच्ची ने कहा- ‘बैड अंकल देते थे चॉकलेट’

मामले के खुलासे की पृष्ठभूमि:

  • 19 अगस्त को परिजनों को हुआ शक: घटना की जानकारी 19 अगस्त की रात को तब हुई जब माता-पिता ने बच्ची के निजी अंगों पर चोट के गंभीर निशान देखे।

  • बच्ची का खुलासा: मां द्वारा प्यार से पूछताछ करने पर सहमी हुई मासूम ने स्कूल में एक “बैड अंकल” का जिक्र किया।

  • पहचान में मुश्किल: बच्ची ने बताया कि वह अंकल उसे चॉकलेट दिया करते थे, हालांकि कम उम्र के कारण वह आरोपी का नाम नहीं जानती थी। इसके बाद परिजनों ने तत्काल स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर संदिग्धों की शिनाख्त की मांग की।

📹 फोटो और CCTV फुटेज देखकर की पहचान: POCSO एक्ट में केस दर्ज

पहचान और गिरफ्तारी का विवरण:

  • फुटेज से हुई शिनाख्त: पुलिस की निगरानी में 24 अगस्त को स्कूल में बच्ची को कर्मचारियों की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज दिखाई गईं, जिसे देखते ही बच्ची ने बस ड्राइवर विकास की तरफ इशारा कर उसकी पहचान कर ली।

  • परिसर से गिरफ्तारी: पहचान सुनिश्चित होते ही पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आरोपी विकास को स्कूल परिसर से दबोच लिया।

🍫 सीढ़ियों के नीचे ले जाकर वारदात: 4 बार शोषण किए जाने की आशंका

अपराध का तरीका और प्रारंभिक साक्ष्य:

  • चॉकलेट का लालच: पुलिस जांच के अनुसार आरोपी बच्ची को चॉकलेट का प्रलोभन देकर फुसलाता था।

  • पीछा कर वारदात: जब भी बच्ची क्लास से बाथरूम की तरफ जाती, आरोपी उसका पीछा करता था। आरोप है कि उसने बच्ची को स्कूल की सीढ़ियों के नीचे ले जाकर उसके साथ गलत काम किया।

  • बार-बार शोषण: प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ कम से कम चार बार यौन शोषण किए जाने की बात सामने आई है, जिसकी मेडिकल व फॉरेंसिक पुष्टि की जा रही है।

📱 मोबाइल में मिले मासूमों के वीडियो: अन्य बच्चों के साथ भी हरकत का संदेह

बरामदगी और फॉरेंसिक जांच:

  • जेब में चॉकलेट लेकर घूमता था: जब्त सीसीटीवी फुटेज में आरोपी अक्सर अपनी जेब में टॉफी और चॉकलेट रखकर स्कूल परिसर में बच्चों के इर्द-गिर्द घूमता दिखाई दिया है।

  • फोन में आपत्तिजनक वीडियो: आरोपी के जब्त मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में छोटे बच्चों को चॉकलेट खिलाते हुए कई वीडियो मिले हैं।

  • काउंसलिंग और जांच: पुलिस अब वीडियो में दिख रहे अन्य बच्चों की पहचान करने और उनके परिजनों से संपर्क साधकर काउंसलिंग कराने की प्रक्रिया में जुटी है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी अन्य बच्चे को शिकार तो नहीं बनाया गया।

🏫 स्कूल सुरक्षा प्रणाली पर उठे सवाल: प्रबंधन की भूमिका की भी जांच

प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई:

  • सुरक्षा मानकों की पड़ताल: पुलिस घटना के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि ड्राइवर बिना किसी रोक-टोक के प्राथमिक कक्षाओं और सीढ़ियों तक कैसे पहुंचता था और स्कूल की आंतरिक सुरक्षा में कहां चूक हुई।

  • कड़ी सजा की तैयारी: पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सीसीटीवी साक्ष्य, मोबाइल डेटा और बच्ची के बयानों को पुख्ता सबूत बनाकर अदालत में पेश किया जाएगा।