धमतरी (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी दोस्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस की विस्तृत तफ्तीश में यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने पुरानी रंजिश और आपसी विवाद के चलते अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव को गंगरेल स्थित मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच सुनसान इलाके में फेंक दिया था। आरोपी ने हत्या के लिए हेलमेट का इस्तेमाल किया था और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए थे।
📅 सितंबर 2024 में दर्ज हुई थी गुमशुदगी: 3 महीने बाद मिला था कंकालनुमा शव
घटनाक्रम और शव बरामदगी का विवरण:
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लापता होने की रिपोर्ट: यह पूरा मामला 3 सितंबर 2024 का है, जब सिहावा थाना क्षेत्र के 55 वर्षीय बीरेंद्र देवांगन के अचानक लापता होने की प्राथमिकी परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई थी।
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लावारिस बाइक से सुराग: जांच के दौरान पुलिस को मानव वन के आगे गंगरेल मार्ग पर एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली, जिसका सत्यापन कराने पर वह लापता बीरेंद्र देवांगन की पाई गई।
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शव की बरामदगी: सघन तलाशी अभियान के बाद 6 दिसंबर 2024 को मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच झाड़ियों से एक शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त बीरेंद्र देवांगन के रूप में की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की हड्डी टूटने और चोटों के निशान मिलने से हत्या की पुष्टि हुई।
📹 CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज: 2 साल चली कोर्ट में सुनवाई
पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य:
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संदेह के घेरे में दोस्त: पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले तथा मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का विश्लेषण किया, जिससे मृतक के दोस्त खुशवंत उर्फ खूबू साहू पर शक गहराया।
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वारदात की वजह: धमतरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डीसी पटेल के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के दौरान आरोपी ने आवेश में आकर भारी हेलमेट से बीरेंद्र के सिर पर प्राणघातक हमला कर दिया।
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ठोस साक्ष्य संकलन: पुलिस ने फॉरेंसिक रिपोर्ट, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और डिजिटल फुटेज को क्रमबद्ध तरीके से अदालत में प्रस्तुत किया, जिसके बाद लगभग दो वर्षों तक इस मामले की न्यायिक सुनवाई चली।
🏛️ अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा: ₹500 का लगाया अर्थदंड
न्यायालय का अंतिम फैसला और विधिक आदेश:
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हत्या का दोषी करार: 27 अगस्त 2026 को धमतरी के अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश) की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों के बयानों के आधार पर खुशवंत उर्फ खूबू साहू को भारतीय न्याय संहिता / आईपीसी की हत्या की धारा के तहत दोषी ठहराया।
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उम्रकैद और जुर्माना: अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा के साथ ₹500 का अर्थदंड लगाया। जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।