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महंगाई भत्ते पर हाईकोर्ट का बड़ा कदम: मुख्य सचिव भी बने पक्षकार, 27 अक्टूबर को तय होगी DA की दिशा

चंडीगढ़: पंजाब के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार को ‘नोटिस ऑफ मोशन’ जारी कर दिया है।

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 27 अक्टूबर तय की है। हाईकोर्ट के इस कदम के बाद लंबे समय से अपने एरियर और डीए की आस लगाए बैठे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का इंतजार और बढ़ गया है, जिससे कर्मचारी संगठनों में चिंता और बेचैनी देखी जा रही है।

📜 3 अगस्त के आदेश की पालना न होने पर दायर हुई याचिका, मुख्य सचिव भी बनाए गए पक्षकार

याचिका की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई:

  • आदेश की अवहेलना का आरोप: यह याचिका हाईकोर्ट द्वारा 3 अगस्त को महंगाई भत्ता जारी करने के संबंध में दिए गए पूर्व आदेशों की निर्धारित समय में पालना न किए जाने के खिलाफ पेंशनरों की ओर से दायर की गई थी।

  • मुख्य सचिव बने पक्षकार: याचिकाकर्ताओं ने पंजाब सरकार के साथ-साथ राज्य के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को भी औपचारिक रूप से पक्षकार बनाया है।

  • सख्त आदेश की थी उम्मीद: शुक्रवार को हुई सुनवाई में कर्मचारियों और पेंशनर यूनियनों को अदालत से सरकार के खिलाफ किसी कड़े और निर्णायक आदेश की पूरी उम्मीद थी, किंतु अदालत ने 27 अक्टूबर तक के लिए सुनवाई टाल दी।

⏳ सरकार को 31 अगस्त तक पालना रिपोर्ट पेश करने की मोहलत, दबाव बढ़ा

सरकारी पक्ष और प्रशासनिक समय-सीमा:

  • सरकार का रुख: सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकीलों ने अदालत को अवगत कराया कि आदेशों की अनुपालन (पालना) रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सरकार के पास 31 अगस्त तक का समय शेष है।

  • अदालत की सहमति: राज्य सरकार के इस तर्क और समय-सीमा को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने पालना रिपोर्ट के अवलोकन हेतु अगली सुनवाई 27 अक्टूबर के लिए निर्धारित की।

👥 31 अगस्त की डेडलाइन पर टिकीं नजरें, 27 अक्टूबर को तय होगी DA की दिशा

कर्मचारियों की मांग और भावी प्रभाव:

  • लंबे समय से लंबित मांग: महंगाई भत्ता (DA) पंजाब सरकार और उसके कर्मचारियों-पेंशनरों के बीच लंबे समय से एक बड़ा वित्तीय और नीतिगत विवाद बना हुआ है।

  • कर्मचारी संगठनों का दबाव: कर्मचारी संगठन लगातार बकाया महंगाई भत्ते की किस्तों को जल्द से जल्द जारी करने के लिए आंदोलनरत हैं।

  • निर्णायक मोड़: अब सभी की नजरें सरकार द्वारा 31 अगस्त तक पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं; 27 अक्टूबर की सुनवाई में हाईकोर्ट का रुख ही तय करेगा कि कर्मचारियों के खातों में डीए की राशि कब पहुंचेगी।