रांची (झारखंड): राजधानी रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के दौरान छात्रों और अन्य गुटों के बीच जमकर हंगामा, धक्का-मुक्की और मारपीट का मामला सामने आया है।
शुक्रवार को हुए इस उपद्रव और हिंसक टकराव के बाद रांची के कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए कुल 3 अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, दर्ज मामलों में 14 आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि कई अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।
⚖️ मजिस्ट्रेट समेत तीन पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत, 14 लोगों पर नामजद केस
प्राथमिकी और नामजद आरोपियों का विवरण:
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तीन अलग-अलग मामले: कोतवाली थाने में दर्ज तीन प्राथमिकियों में से दो शिकायतें व्यक्तिगत रूप से अंकिता वर्मा और शाहबाज द्वारा दी गई हैं, जबकि तीसरी प्राथमिकी विधि-व्यवस्था ड्यूटी पर तैनात एक मजिस्ट्रेट की ओर से दर्ज कराई गई है।
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मारपीट का आरोप: अंकिता वर्मा और शाहबाज ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि पुतला दहन कर रहे आंदोलनकारी छात्रों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और गंभीर मारपीट की।
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प्रमुख नामजद आरोपी: दर्ज मुकदमों में कुणाल कुमार, पीयूष, रविंद्र पासवान, चंडी तिवारी, चितरंजन कुमार, सौरव, वीरेंद्र प्रताप और सुमित शर्मा सहित 14 लोगों को नामजद किया गया है।
🔥 JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच का प्रदर्शन: पुतला जलाने से रोकने पर भड़का विवाद
घटनाक्रम और विवाद की मुख्य वजह:
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छात्रों का आंदोलन: ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच’ के बैनर तले छात्र राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यापक सुधार और कथित प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ अल्बर्ट एक्का चौक पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कर रहे थे।
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रोकने पर हुआ टकराव: प्रदर्शन के दौरान जब कुछ लोगों ने छात्रों को मुख्यमंत्री का पुतला जलाने से रोकने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई।
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सड़क पर संग्राम: देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में लात-घूंसे और लाठियां चलने लगीं, जिससे अल्बर्ट एक्का चौक, सदर अस्पताल और JPSC कार्यालय के आसपास भगदड़ और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें कई लोग चोटिल भी हुए।
📹 वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान में जुटी पुलिस, गहन तफ्तीश शुरू
पुलिसिया कार्रवाई और साक्ष्य संकलन:
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सीसीटीवी व वीडियो जांच: कोतवाली थाना पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है और सोशल मीडिया तथा स्थानीय कैमरों में कैद वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों के चेहरे चिन्हित किए जा रहे हैं।
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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने और हिंसा फैलाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।