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रांची: JPSC-JSSC धांधली पर छात्रों का नई विधानसभा तक मार्च, बीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर महुआ माजी का पलटवार

रांची (झारखंड): राज्य की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं व धांधली की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों का उग्र प्रदर्शन निरंतर जारी है।

सोमवार को जहां हजारों अभ्यर्थियों ने पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा भवन की ओर शांतिपूर्ण ‘विधानसभा घेराव मार्च’ शुरू किया, वहीं इस आंदोलन में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सीधी एंट्री से राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकारी आवास के बाहर धरना दे रहे राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी तथा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस प्रशासन ने हिरासत में ले लिया है।

⚖️ “JPSC-JSSC की सभी धांधली की हो CBI जांच”: हिरासत में लिए जाने के बाद बोले बाबूलाल मरांडी

पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया।

उन्होंने कहा कि राज्य के भविष्य और युवाओं के न्याय के लिए छात्र निरंतर संघर्ष कर रहे हैं, किंतु सरकार मामले का समाधान करने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने में जुटी है। बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट मांग दोहराई कि JPSC, JSSC और CGL जैसी सभी विवादास्पद भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विगत 14-15 दिनों से छात्र स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे हैं, किंतु हेमंत सरकार इस गंभीर मुद्दे को टालने का प्रयास कर रही है।

🚶‍♂️ पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा भवन की ओर निकले हजारों छात्र, सुरक्षा बल तैनात

दूसरी ओर, आंदोलित छात्र एवं अभ्यर्थी भारी संख्या में रांची स्थित पुरानी विधानसभा इमारत के समक्ष एकत्रित हुए।

वहां से छात्रों का विशाल हुजूम अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से नई विधानसभा बिल्डिंग की ओर मार्च करने लगा। छात्रों के इस व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं तथा पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

🗣️ “98% मांगें मान ली गईं, राजनीतिक दल छात्रों को ढकेल रहे”: JMM सांसद महुआ माजी का बड़ा बयान

छात्रों के प्रदर्शन और बीजेपी के रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि रविवार को राज्य सरकार के मंत्रियों और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई थी।

महुआ माजी ने दावा किया कि वार्ता के तुरंत बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल और मंत्रियों दोनों ने स्पष्ट किया था कि सरकार ने 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने निहित स्वार्थों के लिए मासूम छात्रों को भड़काकर पीछे से ढकेल रहे हैं, जिसके कारण समझौते के बावजूद आज सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

🏛️ “2% मांग कोर्ट के फैसले से जुड़ी है, सरकार असहाय”: झामुमो सांसद की अपील

सांसद महुआ माजी ने अवशेष मांगों का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि बची हुई 2 प्रतिशत मांग उस परीक्षा से संबंधित है, जिसका अंतिम परिणाम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश पर जारी हुआ था और कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक माननीय न्यायालय का कोई नया आदेश नहीं आता, तब तक उस परीक्षा को निरस्त करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। JMM सांसद ने प्रदर्शनकारी छात्रों से संयम बरतने और विरोध मार्च वापस लेने का सार्वजनिक अनुरोध किया है।