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आवारा कुत्तों और डॉग बाइट पर MP हाईकोर्ट सख्त: सरकार ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट, 14 अगस्त को अगली सुनवाई

जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों के आतंक, डॉग बाइट (Dog Bite) तथा रेबीज के बढ़ते मामलों को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है।

सार्वजनिक स्थलों एवं रिहायशी इलाकों में घूम रहे आवारा कुत्तों पर की गई दंडात्मक व निरोधात्मक कार्रवाई के संबंध में राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट में आधिकारिक स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) पेश की गई। पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में सरकार ने अवगत कराया कि सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुपालन में सार्वजनिक स्थलों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों का व्यापक स्तर पर टीकाकरण (Vaccination) तथा नसबंदी (Sterilization) का कार्य निरंतर जारी है। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने प्रस्तुत रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई हेतु 14 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

🐕 आवारा कुत्तों के आतंक पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश, देश के सभी हाईकोर्ट्स को दिए थे सुनवाई के आदेश

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने देश भर में आवारा कुत्तों के आतंक, बच्चों व आम नागरिकों पर हमला करने तथा रेबीज के लगातार बढ़ते मामलों पर गहरा संज्ञान व चिंता व्यक्त करते हुए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए थे।

सर्वोच्च न्यायालय ने इन निर्देशों का कड़ाई से परिपालन सुनिश्चित कराने हेतु देश के सभी राज्यों के हाईकोर्ट्स को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में मामलों की सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। शीर्ष अदालत ने विशेष रूप से सरकारी व निजी संस्थानों—जैसे शासकीय अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक खेल परिसर और रेलवे स्टेशनों को चिन्हित कर वहां से आवारा कुत्तों को हटाने, टीकाकरण करने तथा नसबंदी करने के कड़े निर्देश दिए थे।

🏥 सार्वजनिक परिसरों का नियमित निरीक्षण करें स्थानीय निकाय, संक्रमित कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का हुक्म

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि संबंधित स्थानीय नगरीय निकाय (Municipal Bodies) इन संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों का समय-समय पर अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें, ताकि आवारा कुत्ते इन स्थानों को अपना स्थायी बसेरा न बना सकें।

इसके अतिरिक्त, जिन कुत्तों में रेबीज के लक्षण पाए गए हैं या रेबीज से संक्रमित होने का संदेह है, उन्हें तत्काल पकड़कर अलग शेल्टर होम (Shelter Homes) में रखने और उचित चिकित्सीय निगरानी में रखने के निर्देश जारी किए गए थे।

⚖️ भोपाल में बच्ची पर हमले के बाद हाईकोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान, जनहित याचिका पर चल रही है सुनवाई

पूर्व में भोपाल में एक मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों द्वारा किए गए जानलेवा हमले की दर्दनाक घटना का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई जनहित याचिका (PIL) के रूप में प्रारंभ की थी।

इसके उपरांत आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान हेतु अन्य जनहित याचिकाएं भी दायर की गई थीं। युगलपीठ ने विगत सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने हेतु नगरीय विकास एवं गृह विभाग को सार्वजनिक स्थलों से कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी के संदर्भ में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में गुरुवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अब तक की गई कार्रवाई का विवरण अदालत में प्रस्तुत किया गया।