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छिंदवाड़ा में कानून-व्यवस्था तार-तार! केबल चोरी के शक में 3 युवकों की बेरहमी से पिटाई, गले में कंटीला तार बांधकर निकाला जुलूस

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करने वाली एक अत्यंत चिंताजनक एवं खौफनाक घटना प्रकाश में आई है। यहाँ तीन युवकों पर केबल चोरी करने का संदेह जताते हुए दर्जनों लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया और अमानवीय तरीके से पीटा। इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने युवकों के गले में नुकीले कंटीले तार बांधकर पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में उनका जुलूस निकाला। इस जघन्य घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सर्वाधिक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वायरल वीडियो में दो वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी मूकदर्शक बने नजर आ रहे हैं, जबकि भीड़ युवक की पिटाई कर रही है।

📍 इकलहरा WCL क्षेत्र की घटना, 70 से 80 लोगों की भीड़ ने किया घेराव

यह मामला छिंदवाड़ा जिले के इकलहरा स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) खदान क्षेत्र का बताया जा रहा है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, स्थानीय नागरिकों को तीन अज्ञात युवकों पर खदान क्षेत्र से केबल अथवा बिजली के तार चोरी करने का संशय हुआ था। इसके पश्चात तत्काल प्रभाव से बड़ी संख्या में उपद्रवी मौके पर एकत्र हो गए। आरोप है कि लगभग 70 से 80 लोगों की उग्र भीड़ ने तीनों युवकों को चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ अंधाधुंध मारपीट प्रारंभ कर दी।

📹 पुलिस की मौजूदगी में चप्पलों और लात-घूंसों से पीटा, गले में बांधा कंटीला तार

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि उग्र भीड़ एक युवक को चप्पलों, लात-घूंसों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीट रही है।

वहीं, अन्य दो असहाय युवकों के गले में नुकीले कंटीले तार डालकर उन्हें भीड़ के बीच घसीटते हुए घुमाया जा रहा है। वीडियो में उपस्थित अन्य लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घटनास्थल पर उपस्थित दिखाई दे रहे हैं, परंतु वे इस तालिबानी कृत्य को रोकने का कोई प्रयास करते नज़र नहीं आ रहे हैं, जिससे पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं।

👮‍♂️ चांदामेटा थाना पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपियों की शिनाख्त में जुटी टीम

घटना का वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचने के बाद चांदामेटा थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर औपचारिक जांच प्रारंभ कर दी है।

थाना प्रभारी खेलचंद पटले के अनुसार, यह घटना दो दिन पूर्व की बताई जा रही है। पुलिस वर्तमान में वायरल वीडियो की तकनीकी सत्यता की जांच कर रही है और मारपीट में सम्मिलित मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

💬 “कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं, दोषी पुलिसकर्मियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई”: चांदामेटा पुलिस

“पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह हो, तो भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं है। किसी भी नागरिक से मारपीट करना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या जुलूस निकालना गंभीर अपराध है। पीड़ित युवकों से भी पूछताछ कर चोरी के दावों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की विभागीय जांच कराई जाएगी और लापरवाही सिद्ध होने पर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी।”