लुधियाना: विकास कार्य ठप्प होने से भड़के विपक्षी पार्षद, मेयर-कमिश्नर के खिलाफ डमी बैठक कर खोला मोर्चा
लुधियाना (पंजाब): लुधियाना नगर निगम अंतर्गत अपने-अपने वार्डों के रुके हुए विकास कार्यों और जनसमस्याओं की अनदेखी को लेकर विपक्षी पार्षदों ने मंगलवार को एक अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
पार्षदों ने नगर निगम के जोन-डी कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर बाकायदा ‘डमी जनरल हाउस’ (प्रतीकात्मक सदन) की बैठक आयोजित की और नगर निगम प्रशासन तथा मेयर की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया।
🪑 मेयर और कमिश्नर की खाली कुर्सियां रखकर उठाईं वार्डों की समस्याएं, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भड़के
इस अनूठे प्रदर्शन के दौरान मंच पर मेयर और नगर निगम कमिश्नर के लिए प्रतीकात्मक रूप से दो विशेष कुर्सियां लगाई गईं, जिन्हें पूरा समय खाली ही रखा गया।
इन खाली कुर्सियों के सामने बैठकर विपक्षी पार्षदों ने बारी-बारी से अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं। पार्षदों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वार्डों में जर्जर सड़कों, पार्कों के बदहाल रख-रखाव, दूषित पेयजल, सीवरेज ओवरफ्लो, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और जगह-जगह लगे कचरों के ढेरों जैसी मूलभूत समस्याओं का महीनों से समाधान नहीं किया जा रहा।
🛑 “मंजूरशुदा विकास कार्य भी ठप्प, नए प्रस्तावों को नहीं मिल रही स्वीकृति”, पार्षदों का गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने कहा कि जिन विकास कार्यों को पहले ही आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है, वे भी प्रशासनिक ढिलाई के कारण अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं।
इसके अतिरिक्त, नए विकास कार्यों के प्रस्तावों को भी जानबूझकर स्वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है, जिससे उनके वार्डों की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। नगर निगम की इस अनदेखी से नागरिकों में भारी निराशा व्याप्त है।
👮 जोन-डी कार्यालय पर पुलिस बल तैनात, पार्षदों ने दी आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी
जोन-डी कार्यालय परिसर के बाहर आयोजित इस ‘डमी जनरल हाउस’ की बैठक और अनोखे विरोध प्रदर्शन की पूरे लुधियाना शहर में दिनभर चर्चा बनी रही।
किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने हेतु सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। यद्यपि, प्रदर्शन के दौरान पार्षदों से बात करने नगर निगम का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रदर्शनकारी पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों और वार्डों की समस्याओं का अतिशीघ्र निस्तारण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में नगर निगम के खिलाफ उग्र जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।