लुधियाना: शिंगार सिनेमा रोड पर सरकारी बैंक के भीतर बुजुर्ग का बदला ATM कार्ड, पुलिस पूछताछ में आरोपी चाय वाले ने कबूला जुर्म
लुधियाना (पंजाब): लुधियाना शहर के शिंगार सिनेमा रोड स्थित एक सरकारी बैंक परिसर में बेहद शातिराना अंदाज में 80 वर्षीय अनपढ़ बुजुर्ग से लाखों रुपये की साइबर/एटीएम ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
बैंक परिसर के भीतर चाय/कैंटीन का काम करने वाले एक युवक ने नया खाता खुलवाने और कागजी कार्यवाही में मदद करने के बहाने बुजुर्ग का असली एटीएम (ATM) कार्ड चालाकी से अपने पास रख लिया। इसके बदले आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति का महीनों पहले ‘ब्लॉक’ हो चुका पुराना एटीएम कार्ड लिफाफे में डालकर बुजुर्ग को थमा दिया। इसके पश्चात आरोपी ने अलग-अलग एटीएम बूथों से बुजुर्ग के खाते से ₹2 लाख से अधिक की जमा राशि अवैध रूप से निकाल ली। पीड़ित बुजुर्ग ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद थाना डिवीजन नंबर-3 की पुलिस ने मामले की गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
📊 करनाल में बैलेंस चेक करने पर उड़े बुजुर्ग के होश, बैंक स्टेटमेंट से सामने आया ठगी का सच
धर्मपुरा (गली नंबर-4) के निवासी पीड़ित बुजुर्ग राम लाल (पुत्र बरकत राम) ने बताया कि उन्होंने गत 4 अप्रैल को शिंगार सिनेमा रोड स्थित सरकारी बैंक में नया खाता खुलवाया था।
अपना पुराना मकान बेचने के बाद मिली करीब ₹20 लाख की धनराशि उन्होंने इसी खाते में जमा करवाई थी। इसमें से ₹16 लाख उन्होंने बाद में खुद निकाल लिए थे और शेष राशि खाते में ही छोड़ कर अपने पैतृक गांव बयाना (जिला करनाल, हरियाणा) चले गए थे। 28 जुलाई को जब बुजुर्ग ने करनाल स्थित बैंक शाखा में जाकर खाते का बैलेंस चेक करवाया, तो उनके होश उड़ गए। बैंक कर्मियों ने बताया कि उनके खाते से लुधियाना के विभिन्न एटीएम से ₹2 लाख से अधिक की निकासी हो चुकी है। बदहवास बुजुर्ग तुरंत रिश्तेदारों संग लुधियाना पहुंचे। बैंक स्टेटमेंट से खुलासा हुआ कि गोपाल नगर, बस्ती जोधेवाल, ताजपुर रोड, टिब्बा रोड और सुभाष नगर स्थित एटीएम बूथों से पैसे निकाले गए थे।
🚔 पुलिस कमिश्नर से लगाई इंसाफ की गुहार, कड़ाई से पूछताछ में आरोपी चाय वाले ने कबूला जुर्म
पीड़ित राम लाल ने जब अपने पास रखा एटीएम कार्ड बैंक अधिकारियों को दिखाया, तो पता चला कि वह कार्ड किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर था और महीनों पूर्व ब्लॉक किया जा चुका था। अनपढ़ होने के कारण बुजुर्ग कार्ड पर लिखा नाम नहीं पढ़ सके थे।
बुजुर्ग ने बताया कि बैंक में चाय का काम करने वाले युवक ने ही उनका खाता खुलवाया था और एटीएम का लिफाफा खोलकर ब्लॉक कार्ड उनकी जेब में डालते हुए कहा था कि ‘यह कार्ड किसी को मत दिखाना।’ पुलिस चौकियों के चक्कर काटने के बाद पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर के समक्ष पेश होकर शिकायत दी। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर थाना डिवीजन नंबर-3 पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने असली एटीएम अपने पास रखकर ब्लॉक कार्ड देने और ₹2 लाख से अधिक की राशि निकालने का जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस मामले की आधिकारिक पुष्टि कर कानूनी कार्रवाई कर रही है।