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झारखंड में अमन साहू के बाद सुजीत सिन्हा का खात्मा! जामताड़ा में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात अपराधी

जामताड़ा (झारखंड): झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लंबे समय से जेल में बंद रहने के बावजूद वह अपनी आपराधिक गतिविधियों और गिरोह का संचालन बेधड़क कर रहा था। साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल में स्थानांतरण (शिफ्टिंग) के दौरान जामताड़ा जिले के सदर थाना अंतर्गत सुपायडीह हाईवे पर कैदी वाहन अचानक पंचर हो गया। जब उसे सुरक्षा घेरे में दूसरे वाहन में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया और फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मौके पर ही ढेर हो गया।

📋 हत्या और रंगदारी समेत 75 से अधिक संगीन मामलों में था नामजद आरोपी

मूल रूप से पलामू जिले का रहने वाला सुजीत सिन्हा झारखंड राज्य के सबसे खौफनाक और संगठित अपराधियों में शुमार था।

उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, आगजनी, धमकी, अवैध वसूली और संगठित अपराध के 75 से अधिक मामले दर्ज थे। उसका आपराधिक साम्राज्य झारखंड के आधे से ज्यादा जिलों में फैला हुआ था, और विशेष रूप से उद्योगपतियों व व्यापारियों के बीच उसका नाम दहशत का दूसरा पर्याय बना हुआ था।

🔫 2007 के चर्चित डबल मर्डर केस से आया था सुर्खियों में, 2019 में हुई थी उम्रकैद

सुजीत सिन्हा का नाम पहली बार वर्ष 2007 में पलामू जिले के टाउन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित डबल मर्डर केस में सामने आया था।

टेंडर विवाद में भूषण सिंह और अनिल सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसका मुख्य साजिशकर्ता सुजीत सिन्हा ही निकला था। इस दोहरे हत्याकांड समेत कई मामलों में सुनवाई के बाद वर्ष 2019 में पलामू की अदालत ने उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। हालांकि, जेल की सलाखों के पीछे रहने के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियां निरंतर जारी रहीं।

🔗 पत्नी रिया सिन्हा भी चाईबासा जेल में बंद, गिरोह संचालन में शामिल होने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा भी उसके गैंग के नेटवर्क संचालन में मुख्य भूमिका निभाती थी।

वर्तमान में रिया सिन्हा भी पुलिस की गिरफ्त में चाईबासा जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि सुजीत सिन्हा के मारे जाने के बाद भी उसके गिरोह के कई सक्रिय सदस्यों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि गिरोह को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

💣 पाकिस्तान और यूएई से जुड़े थे अंतरराष्ट्रीय तार, ड्रोन से हथियार मंगाने का आरोप

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की गहन जांच में सुजीत सिन्हा गैंग के संबंध राज्य के अन्य कुख्यात अपराधी गिरोहों—अमन साहू और प्रिंस खान गिरोह—से उजागर हुए हैं।

जांच में खुलासा हुआ है कि व्यापारियों से वसूली गई रंगदारी का पैसा प्रिंस खान के जरिए यूएई के रास्ते पाकिस्तान तक भेजा जाता था। एजेंसियों का दावा है कि इसी अवैध धन का इस्तेमाल हथियार खरीदने और पंजाब सीमा के रास्ते ड्रोन के जरिए भारत में घातक हथियार मंगवाने के लिए किया जाता था। इन हथियारों का उपयोग रंगदारी और हत्या जैसी वारदातों में किया जाता था।

⛓️ दर्जनों बार बदली गई थीं जेलें, डेढ़ साल में दूसरे बड़े गैंगस्टर का अंत

सुरक्षा की दृष्टि से सुजीत सिन्हा को एक दर्जन से अधिक बार झारखंड की अलग-अलग जेलों में ट्रांसफर किया गया था क्योंकि वह जेल के अंदर से भी मोबाइल और नेटवर्क के जरिए गैंग ऑपरेट करने में सक्षम था।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 11 मार्च 2025 को एक अन्य कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू भी रायपुर से रांची लाते समय पलामू के चैनपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। महज डेढ़ वर्ष के भीतर झारखंड पुलिस ने दो सबसे बड़े गैंगस्टरों का अंत कर दिया है। फिलहाल एनकाउंटर की विभागीय और न्यायिक जांच नियमानुसार जारी है।